
मेरे दिल में तू ही तू है
और किसी की जगह नहीं है
तू ही मेरा खुदा है
तू ही मेरा मज़ा है
तू ही मंज़िल है
तू ही रास्ता है
तुझे छोड़ के
किसी और से क्या वास्ता है
तू मिले तो ख़ुशी है
तेरे बिना जीना सजा है
– अनुष्का सूरी
Hindi Love Poems| प्रेम कविता |Romantic Poems|Prem Kavita
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मेरे दिल में तू ही तू है
और किसी की जगह नहीं है
तू ही मेरा खुदा है
तू ही मेरा मज़ा है
तू ही मंज़िल है
तू ही रास्ता है
तुझे छोड़ के
किसी और से क्या वास्ता है
तू मिले तो ख़ुशी है
तेरे बिना जीना सजा है
– अनुष्का सूरी
यूं बंद मेरी पलकें तेरे ही ख्वाब देखा करती हैं
यूं थमी थमी मेरी सांसे तेरी ही आहें भरती हैं
मेरी ठहरी हुई रातों के जज़बात बन के बिखर जाओ
ख्वाबों मैं तो रोज़ आते हो
कभी सुबह की पहली किरण के साथ हकीकत का एहसास भी बन जाओ



फूलों सा कोमल मन तुम्हारा
दिल को छू जाता है
वो तुम्हारा बालों को सहलाना
न मिलूँ मैं तो घबराना
वो सुबह शाम की मुलाकातें
वो छोटी रातें और लम्बी बातें
वो तुम्हारा फिक्र को जतलाना
वो मेरा हर बात पर इतराना
वो प्यार का मीठा मीठा इज़हार
और एक दूजे पर रब से ज़्यादा ऐतबार
न भूली थी ना भूल सकती हूँ
हाँ मुझे हैं सिर्फ तुमसे प्यार