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Waiting for Love Hindi Poem: Arzoo


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आरज़ू
शून्य घोर चित्त चंचल में एक दबी है आरज़ू,
तुम्हारी रोज़ की तकरार की आरज़ू,
हमारी भीनी अनदेखी, मुस्कुराहट की आरज़ू,
मेरी भीतर गुज़रती हर कसक की आरज़ू,
तुम रुस्वाई की बात करते हो,
तो समन्दर सी अश्कों से ढलने वाली आरज़ू,
लगता है उधार दी है मैंने तुम्हैं सांसे अपनी,
इन अधूरी सांसो में कटती जिदंगी की आरज़ू,
इतंजार, उम्मीदें और अहसास सब बिखरा सा है,
टूटती निगाहों में लुटती पनाह की आरज़ू,
आखिरी बार जब तुम कहते हो!! ना रहा कुछ,
तो निर्धन सी, यादों की धनी होने की आरज़ू,
अनजान से पहचान का लम्बा सफर गुज़रा,
अब पहचान से अपनेपन की आरज़ू,
तुम जीवन की मांग करते हो,
मेरी तुम संग जीकर मरने की आरज़ू,
ज़माना क्या कहता है!!!!
ना खबर मुझे!! खबरहीन बेसुध,
मेरे इकरार और तुम्हारे इनकार की आरज़ू!!!!!!
डाॅ. अवन्तिका

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Hindi Love Poem For Him- साथ


 

तुम आकाश हो अगर कभी मैं रहूंगी धरा तुम्हारी
तुम पेड़ हो अगर कभी मैं रहूंगी छाया तुम्हारी
तुम अगर फूल बन जाओ मैं महकूँगी तुम्हारी महक
तुम अगर सागर बन जाओ तो छल्कुंगी बनकर तुम्हारी लेहेर
तुम मेरे तन के कण-कण में बसे रहोगे
मैं तुम्हारे मन के हर घर में बसी रहूंगी आएगा
जब अंतिम समय हमारा तुम्हारे साथ
तुलसी पत्र बनके आउंगी तुम कभी न होना अलग मुझसे
मैं कभी न बिछड़ूगी तुमसे ज़िन्दगी भर ही की तो बात है,
थोड़ी तुम काट लेना ; थोड़ी मैं बाँट लुंगी ।

-प्रियंका जोशी

Tum akash ho agar kabhi mein rahungi dhara tumhari ,
Tum ped ho agar kabhi mein rahungi chaya tumhari,
Tum agar phool ban jao mein mehekungi tumhari mehek,
Tum agar sagar ban jao to chalkungi bankar tumhari leher,
Tum mere tan ke kan – kan me bassey rahoge
mein tumhare man ke har ghar mein basi rahungi Ayega
jab antim samay hamara tumahre saath
tulsi patra banke aaungi Tum kabhi na hona alag mujhse
Mein kabhi na bichadungi tumse zindagi bhar ki hi to baat hai
thodi tum kaat lena, thodi mein baat lungi .

-Priyanka Joshi

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Hindi Love Poem on Separation- ये जरुरी तो नहीं


हम जिसे चाहें वो भी हमें चाहे ये जरुरी तो नहीं,
मिले प्यार के बदले प्यार ये जरुरी तो नहीं।

मिलाकर मन कुछ लोग उतर जाते हैं दिल में,
हो मिलन तन का तन से ये जरुरी तो नहीं।

होते हैं कुछ लोग जो पा लेते हैं चाहकर कुछ भी,
हो सबका नसीब एक जैसा ये जरुरी तो नहीं।

सूरत मिल जाती है अक्सर कइयों से तेरी,
सीरत भी हो तुझसी ये जरुरी तो नहीं।

कवि ‘राज़’ मत रख हसरत किसी पर मरकर जीने की
सबके नसीब हो आसां मौत ये जरुरी तो नहीं।

~राज़ सोरखी “दीवाना कवि”

 

Hum jise chahe wo bhi hme chahe ye jaruri to nahi
Mile pyar k badle pyar ye jaruri to nahi

Milakar man kuch log mil jate hai dil mein
Ho milan tan ka tan se ye jaruri to nahi

Hote hai kuch log jo paa lete hai chah kar kuch bhi
Ho sabka nasib ek jesa ye jaruri to nahi

Surat mil jati hai aksar kaiyon se teri
Sirat bhi ho tujhsi ye jaruri to nahi

Kavi raj mat rakh hasrat kisi par markar jine ki
Sabke nasib ho aasaan mauot ye jaruri to nahi

~Raj sorkhi”diwana kavi”

 

 

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Hindi Poem for Him – सब कुछ हार गया हूँ


ना सता यूँ, ए ज़िन्दगी ! की मन हार गया हूँ मैं,
जीत कर दुनिया सारी, सब कुछ हार गया हूँ मैं।

आ और आकर थाम ले हाथ मेरा ए मौला !
जीने की चाह में, मौत के पार गया हूँ मैं।

रिश्ते-नसीब-मेहनत सब आजमाए हैं मैंने,
पासे ही उल्टे पड़ते हैं अब, हर बाज़ी हार गया हूँ मैं।

दर-ब-दर मिली ठोकरें, हौसलों पर आंच ना आने दी,
अब जाकर टूटा हूँ, जब सब कुछ हार गया हूँ मैं।

कवि ‘राज़’ हो गई अब शान्त हर चिंगारी
होकर राख सब अरमान, मौत के पार गया हूँ मैं,

~राज़ सोरखी “दीवाना कवि”

Na stta yoon, aei zindagi! ki man haar gya hoon main
Jeet kar duniya sari sab kuch haar gya hoon main

Aa aur aa kar tham le hath mera aei maulla
Jine ki chah main maut k paar gya hoon main

Rishtei nasib mehanat sab ajmayein hain main
Paase hi ultei padte hai ab har baji haar gya hoon main

Dar b dar mili thokrei hoslon par aanch na aane di
Abb ja kar tutta hoon jab sab kuch haar gya hoon main

Kavi raaz ho gai ab shant har chingari
Ho kar raakh sab armaan maut ke paar gya hoon main

~Raj sorkhi”diwana kavi”