Hindi Love Poem – तेरी आँखें


 

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तेरी आँखें है आईने जैसी
गम हो तो ये छलक जाती
लाख करे कोशिश तू
कुछ नहीं छुपा पाती
तेरी आँखें हैं आईने जैसी

तुझको पाया तभी जान लिया था मैंने
मुझे चाहती है तू ज़िन्दगी जैसे
तेरी आँखें हैं आईने जैसी

मेरे लिए करती रहती है तू दुआ
तेरी फितरत है खुदाई जैसी
तेरी आँखें हैं आईने जैसी

-अनुष्का सूरी

Teri aankhein aaene jesi
Gum ho to ye chhlk jati
Lakh kre koshish tu
Kuch nahi chupa pati
Teri aankhein hai aaene jesi

Tujko paya tbhi jaan liya tha maine
Muje chahti hai tu zindgi jesei
Teri aankhein hai aaene jesi

Mere liye krti rhti hai tu dua
Teri fitrat hai khudai jesi
Teri aankhein hai aankhein jesi

-Anushka Suri

Hindi Love Shayari for Her – जब तू काजल लगा के आये


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चांदनी रात भी जल जाये जब तू काजल लगा के आये

ये दिल भी मेरा हलचल मचाये जब तू काजल लगा के आये

होंठों पे हँसी बार बार आये जब तू काजल लगा के आये

परवाना शमा को भूल जाये जब तू काजल लगा के आये

मेरा दिल भी गीत कोई गाये जब तू काजल लगा के आये

नजरें कटीली खंजर चलाये जब तू काजल लगा के आये

दिल पे मेरे घाव बनाये जब तू काजल लगा के आये

आँखों ने ये क्या कर डाला कैसे तुमको हम बताय जब तू काजल लगा के आये

जादू नजरें रहीँ चलाये जब तू काजल लगा के आये

प्यार की इंतहा शोर मचाये जब तू काजल लगा के आये

दिल पल पल कहता मुझसे आँखे तुमको देखी जाएं जब तू काजल लगा के आये

बस बहुत कह दिया अब नही कहना ओ मृगनयनी सी आँखों वाली

मेरी आँखों में बस जाये जब तू काजल लगा के आये।

-गौरव

Hindi Love Shayari for Her- तेरी आँखों में


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एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
कि इनमें छुपा है प्यार बस मेरे लिये मेरे लिये,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
कि पहलू में तेरे बैठ के, तेरी ज़ुल्फ़ों से यूँ खेल के,
बस दिल से मैं लिखता रहा, तुझे सोचते बस तुझे सोचते,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
कि शाम भी अब ढल गयी, तेरे पहलू में सिमट गयी,
कि चांदनी भी अब तेरे हुस्न से पिघल गयी,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
गीतों को लिखता रहूँ, तुझ में ही मैं जीता रहूँ,
कि मेरी धड़कन भी तेरी धडकनों से जुड़ गयी,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
अल्फ़ाज़ भी मेरे नहीं, ये गीत भी मेरा नहीं,
बस तू ने जो ना कहा लिख दिया तुझे सोच के,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
कि वक़्त भी अब थम गया, जो तूने वो कह दिया,
कि आए मेरे हमसफर ये दिल भी है तेरे लिये,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
जब मैने वो सुन लिया, धड़कन को तेरे जी लिया,
तुझे पहलू में समेट के होश में ना मैं रहा,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
कि इन में छुपा है प्यार बस मेरे लिये बस मेरे लिये|
-गौरव

Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Ki inmein chupa hai pyar bas mere liye mere liye,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Ki pahlu mein tere baith ke, teri zulphon se yoon khel ke,
Bas dil se main likhta raha, tujhe sochte bas tujhe sochte,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Ki sham bhi ab dhal gayi, tere pahlu mein simat gayi,
Ki chandni bhi ab tere husn se pighal gayi,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Geeton ko likhta rahoon, tujh mein hi main jeeta rahoon,
Ki meri dhadkan bhi teri dhadkanon se jud gayi,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Alfaz bhi mere nahin, ye geet bhi mera nahin,
Bas tu ne jo na kaha likh diya tujhe soch ke,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Ki waqt bhi ab tham gaya, jo toone wo kah diya,
Ki ae mere hamsafar ye dil bhi hai tere liye,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Jab maine wo sun liya, dhadkan ko tere jee liya,
Tujhe pahlu mein samet ke hosh mein na main raha,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Ki in mein chupa hai pyar bas mere liye bas mere liye|
-Gaurav

Hindi Love Shayari on Girl Eyes-हाय तेरी आँखें 


हाय तेरी आँखें eyes
जिसमे सुंदर संसार नजर आता है।
होंगी उज्जवल हिरणी की आँखे,
पर उसमे विस्मय, तुझमें विश्वास नज़र आता है।
हाय तेरी आँखें,
जो मुझे मेरी मंजिल दिखाती हैं।
बर्फ की धवल कुंडो में,
नीली जल राशि,
जीवन संघर्ष विस्मृत कर, मन मदमस्त कर जाती हैं।
हाय तेरी आँखें,
ऐसा प्रेमपाश छोड़ देती हैं,
जितना भी देखो जी न  भरता,
दिन का चैन, रातों की नींद उड़ा ले जाती हैं।
हाय तेरी आँखें ,
गहरा,शांत अनंत समुद्र सा नज़र आता है।
देखो जितनी बार ,
हर बार एक नया रूप उभर कर आता है।
-प्रियांशु शेखर