
आशिक़ हूँ मैं तेरा
आशिक़ी मेरा काम है
दीवाना हूँ तेरा
पर तू अनजान है
हर पल मैं दिल से
तुझको पुकारूँ
छिप छिप के चुपके से
तुझको निहारूं
तू पूजा
तू दर्पण
तू मंज़िल
तू साहिल
तू कोमल
तू खुशबू
तू चम चम
तू जादू
है तुझको ही चाहा
है तुझको ही पाना
कल आज और कल
मैं तेरा दीवाना
-अनुष्का