Hindi Poem for Him – नयनों में काजल लगा के चली


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आज मैं नयनों में काजल लगा के चली
पलकों पर आपकी खूबसूरत तस्वीर सजा के चली
दिल की धड़कनों को साँसों में छुपा के चली
थोड़ा इतरा के चली
सावन की मयूरी सी बलखा के चली
लहराती हवाओं में केशों को बिखरा के चली
थोड़ा शर्मा के चली
अल्फ़ाज़ों में मीठी सरगमों को मिला के चली
उलझी बेचैनियों को सुलझा के चली
सच्ची मुहब्बत अपनी रूह में बसा के चली
दुनिया की हर खूबी हांथों की लकीरों में ठहरा के चली
अब तो बोल दो कि मैं आपकी ज़िन्दगी हूँ
आपकी खुशियों की बन्दग़ी हूँ
आपकी तक़दीर में संवरती आपकी जीवन संगनी हूँ
अब बस करो बोल भी दो कि मैं ही आपकी अर्धांगिनी हूँ

-संघमित्रा मौर्य

Aj mai nayano me kajal laga ke chali,
Palko par apki khubsoorat tasveer saja ke chali,
Dil ki dhadkano ko sanso me chhupa ke chali,
Thoda itra ke chali,
Sawan ki mayoori si balkha ke chali,
Lahraati hawaao me kesho ko bikhra ke chali,
Thoda sharma ke chali,
Alfaazo me mithi sargamo ko mila ke chali,
Uljhi bechaniyo ko suljha ke chali,
Sachhi mohabbat apni rooh me basa ke chali,
Duniya ki har khoobi hatho ki lakiro me thahara ke chali,
Ab to bol do ki mai apki jindagi hu, apki khushiyo ki bandagi hu,
Apki taqdeer me sawarti apki jeewan sangini hu,
Ab bas karo bol bhi do ki mai hi apki ardhangini hu

-Sanghmitra Maurya

Hindi love poem for Boyfriend – तुमको देखा


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तुमको देखा तब ये जाना
होता है क्यों दिल दीवाना
तुमको जाना तब ये जाना
क्या होता है प्यार निभाना
तुमको पाया तब ये जाना
कब खुलता किस्मत का खज़ाना
तुमको तुमसे है चुराना
ऐ मेरे दिलवर दीवाना

– अनुष्का सूरी

Tumko dekha tab ye jana
Hota hai kyo dil deewana
Tumko jaana tab ye jaana
Kya hota hai pyaar nibhana
Tumko paya tab ye jana
Kab khulta hai kismat ka khazana
Tumko tum se hai chuarana
Ae mere dilbar deewana

– Anushka Suri

Miss Him Love Poetry-दिल की आवाज़


खो दिया उसे एक दिन
तो ये आँखे ही क्या,
दिल बहुत रोएगा….
इतना चाहा है दिल ने उसे,
किसी और का ना हो पाएगा….
क्या पता था इतना प्यार हो जाएगा,
मेरा कल तुमसे जुड़ जाएगा….
इतना करीब से गुज़रे हो दिल के,
कि निशान अभी भी बाकी है….
पहले तो खींच लिया मुझे,
ग़मों की गहराई से….
और अब कह दिया उसने,
खुशी नहीं है उसके पास….
आदत भी तो ऐसी हो गई है,
कि छोड़ नहीं पाऊँगी….
उसे क्या इलज़ाम देना,
करीब तो मैं आई थी….
वो तो कब से दूर था,
दिल पर तो मैंने लिया….
उसने तो बस मज़ाक समझा,
तो तकलीफ उसे क्यों हो….
पर फिर भी एक उम्मीद है उससे,
जब आएगा वो कल,
जिंदगी का सबसे मुश्किल भरा पल,
ना पास तेरे आ सकूँगी,
ना दूर तुझसे जा सकूँगी,
तो बस एक बार दुनिया को भूल कर,
एक आवाज़ दिल से देना,
और रोक लेना मुझे,
कदम क्या साँसे थम जाएँगी,
बस एक दिल की आवाज़…….
मेरे लिए………….

-लता कुशवाह