Hindi Love Poem for Him-Mujhe Tumse Ishq Ho Gaya

मुझे तुमसे इश्क़ हो गया
खुदा से मिला रहमत है तू
मेरे लिए बहुत अहम् है तू
तेरे प्यार का मुझपे रंग चढ़ गया
मुझे तुमसे इश्क़ हो गया
न न करते कब हाँ कर बैठी
दिमाग का सुनते सुनते कब दिल की सुन ली
बस इतना पता है तुमसे इश्क़ हो गया
कब हुआ कैसे हुआ बस हाँ तुमसे इश्क़ हो गया
तेरे ख्यालों में रहती हूँ
खुद से ही तेरी बातें करती हूँ
तेरे नाम से ही मुस्कुरा देती हूँ
तुम्हें खबर भी नहीं और मैं तुम्ही से बेइंतहा प्यार करती हूँ
खुदा की मुझपे नेमत है तू
मेरी बरकत है तू
तुझसे दिल का राब्ता हो गया
मुझे तुमसे इश्क़ हो गया
-अंजलि महतो

Mujhe Tumse Ishq Ho Gaya (I fell in love with you)
Khuda se mila rehmat hai tu (You are God’s blessing for me)
Mere liye bahut ahem hai tu (You are very important for me)
Tere pyaar ka mujhpe rang chadh gaya (I am colored in your love)
Mujhe tumse ishq ho gaya (I fell in love with you)
Na na karte kab haan kar baithi (I did not realize when I said yes after repeatedly saying no)
Dimaag ki sunnte sunte kb dil ki sun li (While listening to my brain, when did I listen to my heart)
Bas itna pata hai tumse ishq ho gaya (I only know that I have fallen in love with you)
Kab hua kaise hua bas haan tumse ishq ho gaya (I do not know when and how, but I fell in love with you)
Tere khayalon mein rehti hoon (I keep thinking about you)
Khud se hi teri baatein karti hoon (I talk to myself about you)
Tere naam se hi muskura deti hoon (I smile on listening to your name)
Tumhe khabar bhi nahin aur main tumhi se beinteha pyaar karti hoon (You are not even aware and I love you a lot)
Khuda ki mujhpe naimat hai tu (You are God’s blessing for me)
Meri barkat hai tu (You are my prosperity)
Tujhse dil ka raabta ho gaya (My heart made a connection with you)
Mujhe tumse ishq ho gaya (I fell in love with you)
-Anjali Mahto

Hindi Love Poem on Midnight Romantic Thoughts-Raat Ki Khumari

रात की खुमारी 

मूक अँधेरी रात में
किसने छेड़ी बांसुरी की विरह तान 
कसमसाती हैं कलियाँ 
सनसनाते हैं कुछ गुमसुम अरमान 
बहती चपल बयार 
दिल का दुखड़ा कोई गुनगुनाती है 
साजन की याद में 
तड़पती विरहन कोई कुनमुनाती है 
चाँद है बरसाता 
नभमंडल से स्वेत अनुरागी कण 
धरा चूमती जिनको 
रसीले अधरों से हर-पल हर-क्षण
अप्सरा करती श्रृंगार 
थामकर हाथों में अलौकिक दर्पण 
झिलमिल तारे झूमकर 
करते शुभ बेला में यौवन अर्पण 
पारदर्शी हिम शिखर
आईनेदार दरख्तों पर खड़ी है
सफ़ेद आँचल तले 
उजली हिरे मोतियों से जड़ी है
मौन अमलतास की 
कोमल पत्तियाँ देखो चुलबुलाती हैं 
ओस की रेशमी बूंदें 
चांदनी की फुहार में कुलबुलाती हैं
भोर अभी आना मत 
मनभावन चांदनी अभी कुँवारी है
जवां है इक मधुशाला
बावली रात की अजीब खुमारी है 

-किशन नेगी ‘एकांत’

Hindi Love Poem For Her-तुम जो संग बने रहो

हम सारे वादों को निभाएंगे,
जिंदगी को सफल बनाएंगे,
तुम जो संग बने रहो,
तुम वादा करके मुकर ना जाना,
मेरे दर्द प्रार्थनाओं को खोरी-कोटी ना सुनाना,
फिर भी तुमसे किया वादा निभाउंगा,
तुम जो संग बने रहो।
तुम्हारे कारण हर चाहत से इज़हार है मेरा,
तुम्हारे कारण हर जीत से प्यार है मेरा,
मेरा सीरत ये बढ़ता रहेगा,
तुम जो संग बने रहो।
कल को कायनात बदल दूंगा,
हर हार को जीत लूंगा,
हर कोशिश वो बार बार करुंगा,
तुम जो संग बने रहो।
तुम्हारे हँसी सपनों के लिए,
तुम्हारे हैसी अपनो के लिए,
हर एक से मतलबी हो जाऊ,
तुम जो संग बने रहो।

-राम

Hum sare waadon ko nibhayenge
Zindagi ko safal banayenge
Tum jo sang bane raho
Tum wada Karke mukar na jana
Mere achche prayas ko khari-koti na sunana
Phir bhi Tumse kiya wada nibhaunga
Tum jo sang bane raho
Tumhare karan har chahat se izhaar hai mera
Tumhare karan har jeet se pyar hai mera
Mera seerat ye badhta rahega
Tum jo sang bane raho
Kal ko kayanat badal dunga
Har haar ko jeet lunga
Har koshish wo bar bar Karunga
Tum jo sang bane raho
Tumhare hasi sapnon ke liye
Tumhare hasi apno ke liye
Har ek se matlabi ho jaun
Tum jo sang bane raho.

-Ram