रातों की चांदनी यूं जगमगाती है
तेरी लब पर हंसी जब खिलखिलाती है
चाँद सा रौशन ये जो तेरा चेहरा है
क्या कहें इस दिल पर अब बस तेरा पहरा है
दिल की किताब के हर पन्ने पर तेरा नाम है
ये तेरा आशिक तेरे इश्क में यूँ बदनाम है
तुझसे जुदा होने का आता जब खयाल है
क्या कहें बस सोच के होता ये दिल बेहाल है
तुझसे मिलने की बातें करने की अब मेरी एक चाह है
अब तू मेरे पास ही यु बैठ यही अपने प्यार की राह है
Tag: हिंदी प्रेम कविता
यादों के झरोखों में
यादों के झरोखों में मिलता है मीत कोई
दिल की तरंगों से बजता है संगीत कोई
जैसे पानी को तरसता है पक्षी प्यासा
वैसे मांगू तुझे मिल जाए तू ज़रा सा
जहाँ देखू आता है तू ही बस नज़र
तेरे लिए कितना हूँ बेताब तुझे क्या खबर
आज तक जिंदा हूँ तुझसे मिलने की ही आस में
वो लम्हा कब आयेगा ऐ खुदा जब तू होगा पास में
प्यार के नगमें खोजने चला है दिल
सब जगह तू नहीं तो तेरा नाम है
सब जगह तू नहीं तो तेरा नाम है
क्या कहें तेरा आशिक क्यों बदनाम है
दिल से निकलती है तेरे लिए सिर्फ दुआ
तू क्या जाने तूने दिल को कैसे है छुआ
अब तो तेरे प्यार में है जीना सिर्फ जीना
ये आशिकी का जाम हमने भी पीना
तू आजाये अगर महफ़िल में तो है बहार
वरना फूलों की बहार भी है बेकार
और क्या कहूँ तेरी तारीफ में ओ ज़ालिम
कैसे करता है तू बिना खंज़र के क़त्ल-ऐ-रहम
Ishq Sufiyana – इश्क सूफियाना
Hindi Love Poem : सपनों के सागर में
सपनों के सागर में एक लोटा डगमगाता है
आँखों के रास्ते वो बह कर आता है
आकाश के तारों को छूने की अभिलाषा है
वक़्त के साथ बदलाव लाने की आशा है
दिल के एक कोने में एक ज़िन्दगी लहराती है
जो बस बढती जाये वही तो यह बंदगी कहलाती है
मन के सितार में सुरों की जो माला है
क्या कहें कितने प्यार से बाँधा ये ताला है
किस कदर हैरत से गुज़रती है ये जिंदगानी
कभी है ठंडी बर्फ और कभी है तपता पानी
दुनिया की सर्कस में कुछ दिनों का ये खेला है
अभी जीलो सबके संग पर जाना अकेला है