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Hindi Kavita-रातों की चांदनी

रातों की चांदनी यूं जगमगाती है
तेरी लब पर हंसी जब खिलखिलाती है
चाँद सा रौशन ये जो तेरा चेहरा है
क्या कहें इस दिल पर अब बस तेरा पहरा है
दिल की किताब के हर पन्ने पर तेरा नाम है
ये तेरा आशिक तेरे इश्क में यूँ बदनाम है
तुझसे जुदा होने का आता जब खयाल है
क्या कहें बस सोच के होता ये दिल बेहाल है
तुझसे मिलने की बातें करने की अब मेरी एक चाह है
अब तू मेरे पास ही यु बैठ यही अपने प्यार की राह है

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Hindi Love Poem for Her-कितना अच्छा है

तेरे चाहने वालों में अपना भी हो नाम
कितना अच्छा है
तेरे इश्क में आशिक हो जाये बदनाम
कितना अच्छा है
तेरे इश्क में अपनी खो जाये पहचान
कितना अच्छा है
तेरे इश्क में बीते अपनी सुबह और शाम
कितना अच्छा है
तेरे इश्क में अपना जो भी हो अंजाम
कितना अच्छा है
तेरे इश्क में अपनी जान भी हो कुर्बान
कितना अच्छा है
तेरे इश्क में भूला मैं तो सारा जहान
कितना अच्छा है
अब तू भी आजा हो जा मेहरबान
कितना अच्छा है
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यादों के झरोखों में

यादों के झरोखों में मिलता है मीत कोई
दिल की तरंगों से बजता है संगीत कोई
जैसे पानी को तरसता है पक्षी प्यासा
वैसे मांगू तुझे मिल जाए तू ज़रा सा
जहाँ देखू आता है तू ही बस नज़र
तेरे लिए कितना हूँ  बेताब तुझे क्या खबर
आज तक जिंदा हूँ तुझसे मिलने की ही आस में
वो लम्हा कब आयेगा ऐ खुदा जब तू होगा पास में

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प्यार के नगमें खोजने चला है दिल

प्यार के नगमें खोजने चला है दिल
अब मैं सजा लूं वीरान इस दिल की महफ़िल
कभी तो बात कर मुझसे कभी तो आकर मिल
तेरी यादों में ही गुज़रते हैं अब मेरे रात और दिन
अब जुदाई न सही जाये हो गयी है बड़ी मुश्किल
अब आजा पास मेरे ऐ मेरे हसीन कातिल
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सब जगह तू नहीं तो तेरा नाम है

सब जगह तू नहीं तो तेरा नाम है
क्या कहें तेरा आशिक क्यों बदनाम है
दिल से निकलती है तेरे लिए सिर्फ दुआ
तू क्या जाने तूने दिल को  कैसे है छुआ
अब तो तेरे प्यार में है जीना सिर्फ जीना
ये आशिकी का जाम हमने भी पीना
तू आजाये अगर महफ़िल में तो है बहार
वरना फूलों की बहार भी है बेकार
और क्या कहूँ तेरी तारीफ में ओ ज़ालिम
कैसे करता है तू बिना खंज़र के क़त्ल-ऐ-रहम

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Ishq Sufiyana – इश्क सूफियाना

लफ्ज़ बन जाते हैं जब दिल की जुबां
बस हो जाता है अंदाजे इश्क पर खुदा मेहरबां
एक खुदा वो है जो करता आया है बस रहमो करम
एक खुदा तू है जो बनके मोहब्बत करता है क़त्ल-ऐ-रहम
सब कहते हैं इश्क में कहाँ और क्या मज़ा पाते हो सूफियाना
उनको क्या खबर – इश्क की गलियों में मिलते हैं जाम आशिकाना
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Hindi Love Poem : सपनों के सागर में

सपनों के सागर में एक लोटा डगमगाता है
आँखों के रास्ते वो बह कर आता है
आकाश के तारों को छूने की अभिलाषा है
वक़्त के साथ बदलाव लाने की आशा है
दिल के एक कोने में एक ज़िन्दगी लहराती है
जो बस बढती जाये वही तो यह बंदगी कहलाती है
मन के सितार में सुरों की जो माला है
क्या कहें कितने प्यार से बाँधा ये ताला है
किस कदर हैरत से गुज़रती है ये जिंदगानी
कभी है ठंडी बर्फ और कभी है तपता पानी
दुनिया की सर्कस में कुछ दिनों का ये खेला है
अभी जीलो सबके संग पर जाना अकेला है