Hindi Love Poem – गुमनाम चाहतों का सिलसिला

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गुमनाम चाहतों का सिलसिला
और कितने दिन चलेगा
गम का सूरज सिर पर से कभी तो ढलेगा
एक सुन्हरे कल का
इन्तजार करता हूँ मैं आज भी तुझसे जी भर के प्यार करता  हूँ
तुम साँसों की महक में
यूँ ओझल हो जाती हो मैं और ज्यादा साँस लेने की
कोशिश करता हूँ ,मैं करता हूँ प्यार तुझसे बोहोत मेरी जान
मगर तेरे जवाबो की चादर से डरता हूँ
हैं मेरी जान तू ज़िन्दगी है मेरी
तू है मेरी चाहत तू बंदगी है मेरी
कभी कभी करता हूँ कोशिशें नाकाम तुझसे दूर होने होने की
फिर बाद में सोचता हूँ तेरी जुदाई से डरता हूँ
आज भी तुझसे याद करके आँखों में आँसू भरता हूँ
आज भी मैं तुझसे दिलो जान से मरता हूँ
मगर मेरी जान हमने कभी कहा नहीं

-गणेश मघर

 

Gumnam chahato ka silsila
Aur kitne din chalega
Gum ka suraj sarpar se
Kabhi to dhalega
Ek sunhare kal ka
Intzar karta hun main aaj bhi
Tujhse ji bhar ke pyar karta hun
Tum sanso ki mahak me
You ojhal ho jati ho main aur jyada sans lene ki
Koshish karta hun
Main karta hun pyar tujhase bohot meri jaan
Magar tere jawabo ki chadar se darta hun
Tu hai meri jan tu zindagi hai meri
Tu hai meri chahat tu bandagi hai meri
Kabhi kabhi karta hun
Koshishe nakamyab tujhase dur hone ki
Fir bad me sochata hun
Aur teri judae se darta hun
Aaj bhi tujhe yaad karke aankho me aansu bharta hun
Aaj bhi mai tujhape dilo jan se marta hun
Magar meri jaan humne kabhi kaha nahi

-Ganesh Magar

 

Sad Hindi Poem on One Sided Love – चाहा तुमको चाहा

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मैंने चाहा तुमको चाहा
हाँ सिर्फ तुमको चाहा
तुमको पाना चाहा
तुम में खोना चाहा

पर तुमने मुझे ठुकराया
मेरा मज़ाक बनाया
मुझको पागल बताया
नफरत को यूं निभाया

हर लम्हा मेरा तनहा
प्यार मेरा हुआ रुस्वा
ये कैसा दर्द है रब्बा
एक पल भी नहीं है चैना

मैंने चाहा तुमको चाहा
हाँ सिर्फ तुमको चाहा
सिर्फ तुमको चाहा
सिर्फ तुमको चाहा

-अनुष्का सूरी

Sad Hindi Love Poem For Him – मेरे साकी ने आज गज़ब 

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मेरे साकी ने आज गज़ब कर दिया
हाल दिल का कुछ अजब कर दिया
यूँ तो कुछ वो कुछ कहते नहीं
आज जो बोले तो क़यामत ढाई
दिल से दिल मिले थे कभी
क्या पता था सपनो में कहीं
हाल दिल का किसी और के लिये सुना
मेरे साकी ने मेरा क़त्ल दिया

– अनुष्का सूरी

Mere saki ne aj gazab kar diya
Haal dil ka kuch ajab kar diya
Yu to kuch wo kehte kuch nahi
Aj jo bole to kayamat dhahi
Dil se dil mile the kabhi
Kya pata tha sapno mein kahin
Haal dil ka kisi aur ke liye suna
Mere saki ne mera katl kar diya

– Anushka Suri