
चांदनी रात भी जल जाये जब तू काजल लगा के आये
ये दिल भी मेरा हलचल मचाये जब तू काजल लगा के आये
होंठों पे हँसी बार बार आये जब तू काजल लगा के आये
परवाना शमा को भूल जाये जब तू काजल लगा के आये
मेरा दिल भी गीत कोई गाये जब तू काजल लगा के आये
नजरें कटीली खंजर चलाये जब तू काजल लगा के आये
दिल पे मेरे घाव बनाये जब तू काजल लगा के आये
आँखों ने ये क्या कर डाला कैसे तुमको हम बताय जब तू काजल लगा के आये
जादू नजरें रहीँ चलाये जब तू काजल लगा के आये
प्यार की इंतहा शोर मचाये जब तू काजल लगा के आये
दिल पल पल कहता मुझसे आँखे तुमको देखी जाएं जब तू काजल लगा के आये
बस बहुत कह दिया अब नही कहना ओ मृगनयनी सी आँखों वाली
मेरी आँखों में बस जाये जब तू काजल लगा के आये।
-गौरव





