
Crazy Rhyming Hindi Love Poem-झूम झूम

Hindi Love Poems| प्रेम कविता |Romantic Poems|Prem Kavita
Amazing, best original Hindi love poems, Hindi shayari on love and romance, romantic Hindi poetry and Hindi prem kavita|हिंदी प्रेम कविता संग्रह और शायरी


उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उन्हें खूबसूरती का बेपनाह ताज कह गया,
संगमरमर से खूबसूरत है हुस्न जिनका,
उनके हुस्न को अजंता की मूरत लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उनके जिस्म की खुश्बू मेरी रूह में बस गयी,
उनकी प्यारी छवि मेरे दिल में उतर गयी,
पायल छनकती आई वो इस दिल में,
उनकी पायल की चमचम को
सुरों से सजा कोई गीत लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
वो आके रात में बाहों में बस गये,
वो होंठों से होंठों को मेरे चू गये,
वो जिस्म में उतरेय इस कदर की मेरी सांस बन गये,
उनकी सांसो के जीने को जीने का अंदाज़ लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उनकी आंखो से मिलना हुआ इस कदर की उनमें डूब गया,
देखता रहा बस उनकी आँखों को आँखों में खो गया,
चूमा जब उनकी आँखों को,
खूबसूरत पलकों पे सजा कोई ख्वाब लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया
-गौरव

निगाहों की गलतियाँ
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
क्यों दिखाती हैं ख्वाब,
क्यों दिलाती हैं एहसास जब
पूरे ना हो पायें वो ख्वाब,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
एक पल मैं देखता हूँ
कोई मुस्कुरा दे तो दीवानी हो जाती हैं,
छोटी छोटी बातों पे खुशियों का
परवाना हो जाती हैं,
बिछा देती हैं खुद को किसी के प्यार में,
सब लुटा देती हैं,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
कभी सोचती हैं हो गया प्यार हमको,
कभी किसी की रुसवाई में रो देती हैं,
मिलता नहीं जिसे वो चाहे तो
कुछ और देखना नहीं चाहती हैं,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
हर बात का खुद से मतलब निकाल लेती हैं,
बिन जाने किसी और की हो जाती हैं,
घंटो तक इंतज़ार करती हैं
किसी के आने का पलकों को बिछा के,
जब नहीं आता है वो तब मान नहीं पाती हैं
और आस उसके आने की लगाती हैं,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
मैं पूछता हूँ
क्यों देखती हो ख्वाब किसी के,
क्यों चाहती हो बेपनाह किसी को,
वो मेरी बात पे
थोड़ा सा मुस्कुरा देती हैं,
बस कुछ कह नहीं पाता उनको
क्योंकि मेरी निगाहें भी ये गलती
बार बार किया करती हैं,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं.
-गौरव
Nigahon Ki Galtiyan
Sab galtiyan nigahon ki hain,
kyon dikhati hain khwab,
kyon dilati hain ehsas jab
pure na ho payein wo khwab,
sab galtiyan nigahon ki hain,
ek pal main dekhta hoon
koi muskurake to deewani ho jati hain,
choti choti baton pe khushiyon ka
parwana ho jati hain,
bicha deti hain khud ko kisi ke pyar mein,
sab luta deti hain,
sab galtiyan nigahon ki hain,
kabhi sochti hain ho gaya pyar humko,
kabhi kisi ki ruswai mein ro deti hain,
milta nahin jise wo chahe to
kuch aur dekhna nahin chahti hain,
sab galtiyan nigahon ki hain,
har bat ka khud se matlab nikal leti hain,
bin jane kisi aur ki ho jati hain,
ghanto tak intazar karti hain
kisi ke aane ka palkon ko bicha ke,
jab nahin aata hai wo tab maan nahin pati hain
aur aas uske aane ki lagati hain,
sab galtiyan nigahon ki hain,
main puchta hoon
kyon dekhti ho khwab kisi ke,
kyon chahati ho bepanah kisi ko,
wo meri bat pe
thoda sa muskura deti hain,
bas kuch kah nahi pata unko
kyonki meri nigahein bhi ye
galti bar bar kiya karti hain,
sab galtiyan nigahon ki hain.
-Gaurav



ना जाने क्यों वो मुझसे इतना प्यार करता है
मेरी हर चीज़ का खयाल रखता है
इन छोटी सी आँखों में सपने सुहाने लिये
क्यों मेरे आने का इंतज़ार करता है
उसकी मुस्कुराहट पे हम मर गये
ना जाने कब हम उनके दिल में समां गये
जिस की हासी पे मरने का दिल करता है
जो कह दे तो फिर से जीने का दिल करता है
ऐसा हमसफर मिला है मुझे
जिसके प्यार के लिये जान देने का दिल करता है
क्या कहूँ और उसकी तारीफ में
बस यूँ ही उससे प्यार करने का दिल करता है
-कविता परमार

तेरी यादों में लिखे कुछ खत मुझसे बात किया करते हैं,
याद करता हूँ हमारी मुलाकात को तो एहसास प्यार का दिया करते हैं,
कहते हैं उन पलों की कहानी जब तेरी यादों में घंटो इंतज़ार किया करते थे..
लिखते थे खत हज़ारों इंतज़ार ए मुहब्बत में पर तुमको ना दिया करते थे ,
और धीरे धीरे वो वक़्त की धारा भी बह गयी,,
तुमसे विदाई का पल भी आ गया,
नाम थी हमारी पलकें जुदाई के बादल भी छा गये,
बस सोचते रहे की कुछ पलों में तुम नज़रों से दूर हो जाओगे,
फिर दिल की धड़कन को अचानक क्या हो गया,
कुछ पल थम सी गयी हमारी सांस भी
जब उन्होने दिल पे हाथ रख दिया,
इज़हार जो मुहब्बत का हम ना कर पाये
तीन सालों में वो प्यार का इज़हार उन्होने कर दिया,
बस देखते रहे उनको हम फिर गले से उनको लगा लिया,
करते हैं बेपनाह प्यार हम भी उन्हें, उनको ये जता दिया,
फिर वो मुस्कुराये एक पल
प्यार के वो खत हम से उन्होने मांग लिये,
हम भी कुछ पल रह गये स्तब्ध,
और वो ये कहके गले हम से लग गये,
कि आप के लिखे खतों की खुश्बू हमको पहले साल ही छू गयी,
बस करते रहे इसलिये इंतज़ार की इज़हार ए मोहबत आप कर दोगे,
पर दिल ने कहा अब ना सह पायेगा ये दूरी तुमसे,
ये दिल की आवाज़ सुनके प्यार का पहला इज़हार हम ही आपसे कर गये.
-गौरव