
आँखें बन जायें जब दिल की ज़ुबा
तो कैसे करें दिल की हालत बयान
वो ठंडी रातें वो भीगी बरसातें
वो प्यार में डूबी उसकी भोली बातें
वो उसका रुक रुक कर धीरे धीरे चलना
और उसको आता हुआ देख इस दिल का मचलना
काश कुछ बदल जाये अपनी भी ये तकदीर
बनूं मैं उसका रांझा और वो मेरी हीर