कोई क्यों हमें इतना दर्द दे जाता है
कि इंसान खुदसे अजनबी हो जाता है
हज़ारों चहरे हैं इस दुनिया में
फिर भी एक चेहरे की तलाश क्यों रहती है
क्या दर्द का रिश्ता इतना गहरा होता है
कि ज़िन्दगी खुद एक शिकायत बन जाये
कैसे जिएंगे अब उसके बिन
जिससे दूर कभी रहे नहीं
एक बार मुड़ के तो देख लिया होता
न आँखों में कितने आंसू थे
ये एहसास तो लिया होता
चलो हम ही बेवफा सही
हम तो कल भी बदनाम थे
आज भी हो गए तो क्या नया हुआ
यूँ तो दिलों के बाजार में हज़ारों रिश्ते बिकते हैं
दर्द का रिश्ता अगर बिक जाये
तो ताउम्र दिल से तेरा नाम हो जाये
-संगीता श्रीवास्तव
Tag: Sad Hindi love shayari
Hindi Love Shayari -मत चाहना

कभी किसी को इतना मत चाहना
कि वो तुम्हारी ज़िन्दगी बन जाये
मुश्किल होता है इस दुनिया में
जब किसी दिलदार के बिना जिया जाये
जब दिल कोई तोड़ता है
तो तकलीफ में दिल होता है
शीशा तो टूट कर बिखर जायेगा
दिल अगर टूट गया तो कौन संभल पायेगा
बाज़ार में तो हज़ारों हैं खरीददार
मगर दिल की कीमत कौन लगाएगा
दिल की कीमत तो वही दे पायेगा
जिसने कभी दिल किसी को दिया हो
- संगीता श्रीवास्तव
Hindi Love Shayari for Her- चाँद

चाँद जब धरती पर उतर आता है
तब कहाँ किसी से होश संभल पाता है
देखते हैं चाँद को प्यार से
प्यार से प्यार बढ़ता जाता है
चाँद की चांदनी करती है दिल को रौशन
रौशन रात रौशन चित्त रौशन मन
चाँद कहाँ ज़मीन पर टिक पता है
कुछ ही पलों में आकाश में चला जाता है
रह जाती हैं कुछ यादें कुछ पल
हमने जो बिताये थे चाँद के साथ कल
-अनुष्का सूरी
English Translation:
When the moon steps down on earth
At that moment, who is able to stay in his senses?
One looks at the moon with love
With love, love keeps multiplying
Moon’s moonlight makes one’s heart glow
Night glows, heart glows, mind glows
Moon is unable to stay on earth
In few seconds it vanishes into the sky
It leaves behind some memories, some moments
That we had spent with the moon yesterday.
-Anushka Suri
Hindi Shayari for Her-शायरी करना सीख गया

दर्द दिए कुछ ज़माने ने हर लम्हा कुछ यूँ बीत गया
इसी तरह हुई शुरआत कुछ मैं शायरी करना सीख गया
बढ़ा कुछ आगे तब झूठे दोस्तों में समय बीत गया
कुछ ऐसे ही हुई शुरुआत यारों मैं शायरी करना सीख गया
फिर कुछ झूठे रिश्तो में मेरे भोलेपन को वो जीत गया
बढ़ा दर्द कुछ इस कदर कि मैं शायरी करना सीख गया
रूह मेरी गम में डूबी थी अब हर लम्हा हंसी का बीत गया
इस तरह मैं दर्द-ए-दिल शायरी करना सीख गया
कुछ नामुराद दिल भी ऐसी जगह लगा जो मेरे दिल को भी साथ ले गयी
बस इस टूटे हुए बेख़ौफ़ शायर को कुछ प्यार का दर्द दे गयी
आज जब सभी हमें शायर शायर कहते हैं
वो कहते हैं कि हम और हमारी शायरी उनके दिल में रहते हैं
अरे हम तो बस शायर हैं महखानों में रहते हैं
आलम कुछ ऐसा है की कलम से कागज़ पर दर्द बयान कर दें तो लोग शायर श्यार कहते हैं
हम तो आज भी एक रूह हैं बस
जो उनके दिल में रहते हैं…
उनके दिल में रहते हैं….
-अनूप भंडारी
Hindi Sad Miss You Love Poem Shayari For Him and Her-चाहत

अपनी ही चाहत को हम अपना ना बना पाये
उनके खयालो की दुनिया में हम शामिल ना हो पाये
सिर्फ उनकी खोखली यादों में हमने ना जाने कितने दिये जलाये
फिर भी अफसोस अपनी मुहब्बत की दास्तान अपनो को सुना ना पाये
अब ना कोई उल्लास है ना कोई उमंग
सिर्फ और सिर्फ है तो अधूरी दास्तान के साथ जीने की एक जंग
लोग कहते हैं वो समझ नहीं सकते हमें
समझना उनकी फितरत में शामिल नहीं
छोड़ो समझने की बात
कभी समय मिले तो समझ के देखना की
जब दिल टूटता है तो आवाज़ नहीं आती
सिर्फ निकालते हैं आंख से आंसू
सारी दुनिया बहती हुई नज़र आती
और दुनिया के साथ तुम भी
रोकने की कोशिश करते
तुम्हें मगर रोक ना पाते
क्योंकि हम कभी खुद को
तुम्हारे ख्वाबों में ना पाते
बस ऐसे ही चलती है ज़िंदगी
बस ऐसे ही कट ता है जिंदगी का सफर
निकलती है दिल से आवाज़ “तुम ही थे,तुम ही हो, तुम ही रहोगे”
ना सही प्यार बनकर मगर एक कसक बनकर ज़रूर
अब चलते हैं दोस्त
चलना पड़ेगा ये खुदा ने कहा है
तुम भी चलोगे हम भी चलेंगे हमेशा अलग अलग
यही तो है आज का तजुर्बा और इस जिंदगी का रुत्बा
-प्रतिभा सिंग
Chahat
Apni hi chahat ko ham apna na bana paye
Unke khayalo ki duniya mein ham shamil na ho paye
Sirf unki khokhli yadon mein hamne na jane kitne diye jalaye
Fir bhi afsos apni muhabbat ki dastan apno ko suna na paye
Ab na koi ullas hai na koi umang
Sirf aur sirf hai to adhuri dastan ke sath jeene ki ek jung
Log kahte hain wo samajh nahi sakte hamein
Samajhna unki fitrat mein shamil nahin
Chodo samajhne ki bat
kabhi samay mile to samajh ke dekhna ki
Jab dil toot ta hai to awaz nahin aati
Sirf nikalte hain aankh se aansu
Sari duniya bahti huyi nazar aati
Aur duniya ke sath tum bhi
rokne ki koshish karte
tumhein magar rok na pate
Kyonki ham kabhi khud ko
tumhare khwabon mein na pate
Bas aise hi chalti hai zindagi
bas aise hi kat ta hai jindgi ka safar
Nikalti hai dil se awaz “Tum hi the,tum hi ho,tum hi rahoge”
Na sahi pyar bankar magar ek kasak bankar zaroor
ab chalte hain dost
chalna padega ye khudai ne kaha hai
tum bhi chaloge ham bhi chalenge hamesha alag alag
yahi to hai aaj ka tajurba aur is jindagi ka rutba
-Pratibha Singh