Hindi Love Poem- तुम मिले


कभी तो वक़्त ठहरा होगा जो तुम मिले
क्या मुहब्बत की ओस गिरी होंगी जो तुम मिले
या खिंचती हुई पवनों ने छुआ था जो तुम मिले
समय की उस अबूझ पहेली में कोई तो बात थी जो तुम मिले
धीमी सी दिल की धकधक में कुछ तो था जो तुम मिले
तेरी पलकों के इशारे कुछ तो कह रहे थे जो तुम मिले
कुछ तो जोड़ रहा था तेरे दिल को मेरे दिल से जो तुम मिले
अब तुम ही बताओ इन इशारों की सदायें..
ये साजिश है या इत्तेफ़ाक जो तुम मिले सिर्फ तुम मिले?

-गौरव

Kabhi to waqt thaira hoga jo tum mile
Kya muhabbat ki os giri hogi jo tum mile
Ya khichti hui pavano ne chua tha jo tum mile
Samay ki us abujh paheli mei koi to baat hogi jo tum mile
Dheemi si dil ki dhakdhak mei kuch to tha jo tum mile
Teri palko ke ishare kuch to keh rahe the jo tum mile
Kuch to jod raha tha tere dil ko mere dil se jo tum mile
Ab tum hi batao in isharo ki saayein
Ye sazish hai ya ittfak jo tum mile sirf tum mile

– Gaurav