Hindi Poem on Love – कैसे बताऊँ तुम मेरे दिल के कितने करीब हो

कैसे बताऊँ तुम मेरे दिल के कितने करीब हो जो धरती पर जन्नत दिखा दे वही मेरे नसीब हो तुम जो चलते हो लगता है हवा चली हो हल्की हल्की तुम जो कुछ कह दो तो लगता है बजा हो गीत सुरीला तुम्हारा रंग है गोरा जैसे हो मद्धम धूप तुम्हारे बाल हैं काले जैसे […]

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Hindi Love Poetry-फूलों से क्या मैं कह दूँ

फूलों से क्या मैं कह दूँ कि अब खिलना छोड़ दो क्यों मुझसे तुम कहती हो मुझसे मिलना छोड़ दो तुम्हारी मीठी बातें दिल को देती हैं मेरे सुकून तुमको मैं क्या बताऊँ इश्क़ का मुझ पर है कैसा जुनून लम्बी हैं रातें और छोटे नहीं है दिन तुम बिन तुम बिन तुम बिन अब […]

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Hindi Love Poem – बस और प्यार

प्यार की मंज़िल क्या है बस और प्यार दिल के समंदर का साहिल तू ही है यार तू मेरा दिलबर तू ही है मेरा प्यार तेरा ही तो रात दिन मैं करूँ इंतज़ार बस एक तेरे लिये ही है मेरा दिल बेकरार बढ़ता जा रहा है अब ये खुमार तुझको पुकारे मेरा ये दिल बार […]

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Hindi Prem Kavya – हर पल

हर पल हम इस बात का इज़हार करते हैं  बार बार न जाने क्यों हम आपसे ही प्यार करते हैं  आप दिख जाओ तो हो जाती है अपनी सुबह  आप ने ही तो दी हैं मुझे जीने की एक वजह  आप के बिना फीकी मेरी हर सुबह शाम है  आप के बिना इस दिल को […]

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Hindi Prem Kavita-रेशम की डोरी

रेशम की डोरी से हैं तेरे बाल गोरी हिरणी जैसे तेरे नैन कर लेते हैं दिल चोरी मिश्री से मीठी लगती हैं तेरी बातें हसीं होती हैं अपनी मुलाकातें अब रहना तुझ बिन है बड़ा मुश्किल अब जल्दी से आकार तू मुझे मिल resham ki dori se hain tere baal gori hirni jaise tere nain […]

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Hindi Prem Kavita-कितने दिनों से सोचता हूँ

कितने दिनों से सोचता हूँ की कह दूँ तुमसे हाँ सोचता हूँ बता दूँ कितना प्यार है तुमसे सुबह की पहली किरण से ले कर देर शाम तुम्हारी यादों में है बस ये दिल गुमनाम चाहे हो तपती दोपहरी या हो ठंडी रातें मुझे बस याद आती हैं तुम्हारी ही बातें तुम्हारा वो रुक रुक […]

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Hindi Love Kavita-जब से तुम मिले हो

जब से तुम मिले हो फूल खिलखिलाते हैं तुम्हारा ही नाम लेकर हम गुनगुनाते हैं कितने प्यारे हो तुम ये जान कर हम इतराते हैं आज बता दें तुमको कितना प्यार है तुमसे

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Hindi Prem Kavita-इतनी सुन्दर हो तुम

इतनी सुन्दर हो तुम जैसे हो कोई खिला गुलाब इतनी नाज़ुक कि हो कोई  रुई की किताब प्यारी प्यारी है तुम्हारी मीठी बातें तुम्हारे साथ बीतें अब मेरे दिन और रातें तुमसे मिलकर पता कुछ यूँ चला जैसे कोई प्यासे को पानी हो मिला तुम्हारी हंसी है खिलते हुए फूल माफ़ करना हमें जो हो जाये कुछ भूल जितना भी कहा जाये तुम्हारी […]

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