Ecstatic Love Poem in Hindi-Umang Tarang

उमंग-तरंग (शीर्षक)
डूब डूब उतर आओ
आमग्न हो प्यार में
झील की जल परियों
डूब डूब उतर आओ

अंधेरे के आंचल में
हीरे की कणियों सी
आशा की जुगनुओं
खुशियों के बयार में
पंख पंख लहराओ
आमग्न हो प्यार में
डूब डूब उतर आओ

नभ में तेरी काया उजली
उर में यौवन की बिजली
सागर की ललनाओं
दिल के दयार में
बूंद बूंद बरसाओ
आमग्न हो प्यार में
डूब डूब उतर आओ

दृढ़ शाखों के आलिंगन में
गुंथी लताओं सी
अहसासों की सिहरन पर
नाचती तरंगों सी
बींधे चोंच की श्रृंखला में
इत्र की पंखुड़ियो
डगर डगर महकाओ
डूब डूब उतर आओ !
-सौरभ कुमार सिंह (कवि)

Ecstasy

Afloat laid back
On the surging waves
In the ocean of love
‘O’ mermaids of ecstasy
Relish the bliss

In drapes of darkness
Like diamond studs
‘O’ fireflies of hope
Flap your jovial wings
Twinkle the fervency

White body of silk-cotton
Electric swords in bosom
‘O’ clouds of desire
Do rain in drops
Drench the façade of affection

Warm embrace around trellis
Amid tender foliage of caress
Pair of sparrows sharing beaks
‘O’ pistils of blush
Shower the fragrance
Flush the ambiance

-Saurabh Kumar Singh (Poet)

Hindi Love Poem for Her-Pata Nahi Kaun Hai Wo

पता नहीं कौन है वो (कविता का शीर्षक)

पता नहीं कौन है वो,
करूँ नैना बंद जब,
एक सुंदर सूरत दिखती है वो,
नहीं जानता मैं उसको,
फिर भी मेरे दिल में बसती है वो,
पता नहीं कौन है वो,
क्या मैं प्यासा, तो मेरा पानी है वो,
या मैं किस्सा, तो क्या मेरी कहानी है वो,
मैं जहाँ रहूँ, जहाँ चलूँ,
हमेशा मेरे साथ रहती है वो,
पता नहीं कौन है वो,
अंधेरे में परछाई ने भी मेरा साथ छोड़ा,
पर सुबह बनकर हमेशा मेरे साथ खड़ी रही वो,
मेरी बातों की एक लफ्ज़ भी नहीं वो,
फिर भी मेरी कविता मुकम्मल कर गयी वो,
पता नहीं कौन है वो
-अजय राजपूत (झाँसी) (कवि का नाम)

English Translation for International Readers:

Pata Nahi Kaun Hai Wo (I do not know who she is) – Title of the Poem

Pata nahi kaun hai wo (I do not know who she is),
Karu naina band jab (Whenever I close my eyes),
Ek sundar surat dikhti hai wo (I see a beautiful face of her),
Nahi janta main usko (I do not know her),
Phir bhi mere dil mein basti hai wo (Still, she stays in my heart),
Pata nahi kaun hai wo (I do not know who she is),
Kya main pyasa, to mera pani hai wo (If I am thirsty, she is my water),
Ya main kissa, to kya meri kahani hai wo (Or I am an incident and she is my story),
Main jahan rahoo, jahan chalu (Wherever I live, wherever I walk),
Hamesha mere sath rehti hai wo (She always stays with me),
Pata nahi kaun hai wo (I do not know who she is),
Andhere mein parchayi ne bhi mera sath choda (In the dark, even my shadow left me),
Par subah bankar hamesha mere sath khadi rahi wo (But, she always stood my me like a morning),
Meri bato ki ek lafz bhi nahi wo (She is not even a word in my talks),
Phir bhi meri kavita mukammal kar gayi wo (Still, she completed my poem),
Pata nahi kaun hai wo (I do not know who she is).

Ajay Rajput (Jhansi) (Name of the Poet)

Hindi Love Poetry on Dream Girl-कविता से मुलाकात हो गयी

sadas
कविता से मुलाकात हो गयी
तन्हा मेरी ज़िंदगी में ख्वाबों की बरसात हो गयी,
एक दिन था अकेला, कविता से मुलाकात हो गयी,
कुछ वो मुझसे कहने लगी कुछ मैं उसे कहने लगा,
एक अनजाने अपने पहलू से मीठी कुछ बात हो गयी,
वो मेरे शब्दों में घुल गयी कविता बन के ज़िंदगी की कहानी कह गयी
तन्हाई के आलम से बाहर आने लगा अकेलेपन में मेरी हमसफर वो हो गयी,
कल्पना करता हूँ जब भी उसकी खूबसूरती की उसकी गहराई में डूब जाता हूँ,
ज़िंदगी के मेरे हर पल को एक पल में वो जीवन कर गयी,
शब्दों का ना वो जाल है ना कोई मायाजाल,
वो तो बस मेरे दिल का हाल है इतनी बात वो कह गयी,
हर खुशी हर गम को मेरे साथ वो सहती है
कुछ ना कहती है मुझसे हर पल हंसाती रहती है
रूप अनेक बनाती है कभी ग़ज़ल है, 
कभी है कविता, कभी शायरी वो कहलाती,
बस ओढ़ चुनरिया खुशियों की 
वो मेरे दिल को छू के जाती,
रात की गहराई हो या दिन का पहर 
साथ मेरे वो रहती है,
कभी रूठती है मुझसे कभी खेलती है 
मेरे संग मेरी कल्पना में जीती है,
अब ना जीना उसके बिन, 
मेरी सांसों में मेरी रूह में धड़कन बन के वो बस गयी,
तन्हा मेरी ज़िंदगी में ख्वाबों की रात हो गयी,
एक दिन था अकेला कविता से मुलाकात हो गयी
-गौरव