Hindi Love Poem – मैं सुबह छोड़ जाऊंगा

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मैं सुबह छोड़ जाऊंगा तुम्हारे पास,
तुम शाम मेरी संभाले रखना,

दिनों के साथ गर मैं गुजर भी जाऊ,
तो पलको में मेरी सीरत बसाये रखना,

यादो में लिपटी दोस्ती गर भूल भी जाओ,
पर हो सके तो झगड़ो में छुपी वो मोहब्बत बचाये रखना,

मैं सुबह छोड़ जाऊंगा तुम्हारे पास,
तुम शाम मेरी संभाले रखना….!!!!

– मुसाफिर

Main subh chhod jaunga tumhare paas
Tum sham meri sambhale rakhna

Dino ke sath gar main gujar bhi jaun
To palkon me meri sirat basaye rakhna

yadon me lipti dosti gar bhul bhi jaun
Par ho sakey too jhagdo main chupi wo mohabbat bachaye rakhna

Main subah chhod jaunga tumhare paas
Tum sham meri sambhale rakhna

-Musafir

Miss You Love Poem – तेरी यादों में

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तुझे भूल कर भी ना भूल पायेगे हम
बस यही एक वादा निभायेंगें हम
मिटा देंगे ख़ुद का जहाँ से लकिन तेरा नाम
दिल से ना मिटायेंगे हम
आज भी तेरी आवाज़ गुंजती है मेरे कानो में
लिखे है हजारो खत तुम्हे अन्जाने मे
कहते है ये सारे खत नहीं ये कवितायें है
कम्बखत शायर बन गया हूँ तेरी यादों में
खैर दुनिया लगती है खलासी हर मौसम में
पर यकीन है मुझे मैं तन्हा नहीं हूँ तेरी यादों में

– इन्द्रजीत मनियारे

Tujhe bhul kr bhi Na bhul payenge hum,
Bas yahi ek vada nibhayenge hum,
Mita denge khudka jaha se lekin tera naam
DIL se Na Mita payenge hum,
Aaj bhi teri aawaj gunjati hai mere Kano me,
Likhe hai hajaro khat tumhe anjane mai,
Kahete hai ye sare khat nahi, Ye kavitaye hai,
Kambaqht shayar ban gaya hu Teri yado mai,
Khair Dunia to lagti hai ab khalisi har mausam mai,
Pr yakin hai mujhe mai tanha nahi hu Teri yado mai

-Indrajeet Maniyare

Hindi Miss You Poem for Girlfriend – इंतज़ार

ढलती

ढलती हुई शाम में आज भी उनका इंतज़ार है
थक के ये आँखें बोझिल होने लगी हैं फिर भी उनका इंतज़ार है
सोच के ये दिल मुस्कुरा देता है की नहीँ हैं
बेवफा वो। कम से कम जीने का सहारा ख्वाबों में तो दिया करती हैं
जब भी ख्वाबों में मुलाकात होती हैं
वो हमेशा मिलूंगी वादा करके सुबह कहीं चली जाती हैं
और सुबह फिर से उनका इंतेजार किया करता हूँ
समय तो रेत की तरह हाथों से फिसल रहा है
कई बरसाते आई और चली गयीं पर कोई बारिस की बूँद मुझे भिगो न पायी
ठण्ड की सिहरन तो बहुत लगी पर उस सिहरन में तेरी गर्मी का एहसास न था
हवा का झोंका जब भी मुझसे टकराया तेरी यादो की खुश्बू को लाया
सावन,सर्द हवाएं,सुबह की किरन,ओस की बूँद,चाँदनी सब से तेरी बातें किया करता हूँ
मेरी साँसें आज साथ छोड़ती सी लग रहीँ हैं
पर बन्द होती आँखों को आज भी तेरा इंतज़ार है
की सपना देख लूँ आज की तू हकीकत में आ गयी है
आज फिर से गले लगाया है
और सो गया हूँ मैं तुझे दिल में बसा के कभी ख़त्म न होने वाले सपने की तरह
की अब ये इंतज़ार साँसों के साथ खत्म होता सा लग रहा है

~ गौरव