Hindi Love Poem – एक सपना

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मैंने जो देखा था
वो एक सपना था
तू कौन सा अपना था
मैंने किस से दिल लिया
क्यों सपने को हक्कीकत बना लिया
मैंने जो देखा था
वो एक सपना था
सपने मैं जो भी था
सिर्फ एक भ्रम था
वहाँ कोन सा अपना साथ था
होना तो बस विशवास घात था
मैंने जो देखा
वो एक सपना था
इकरार सपने मैं हुआ
पर रिश्ता टूट असलियत मैं गया
सोचा क्या और क्या हो गया
जैसे भयानक सपना सच हो गया
मैंने देखा था
बातें इतनी हो गई
कि मुँह न खुला
सिर्फ आँखों मैं सब कुछ बया हो गया
मैंने जो देखा था वो एक सपना

-रिशभ गोस्वामी

Maine jo dekha tha
Wo ek sapna tha
Tu konsa apna tha
Maine kis se dil lga liya
Kyu sapne ko hakikat bna liya
Maine jo dekha tha
Wo ek sapna tha
Sapne main jo bhi tha
Sirf ek bhrm tha
Whan kon sa apna sath tha
Hona to bas vishwas ghaat tha
Maine jo dekha
Wo ek sapna tha
Ekrar sapne main hua
Par rishta tut asliyat main gya
Socha kya aur kya ho gya
Jese bhyanak sapna such ho gya
Maine jo dekha tha
Wo ek sapna tha
Batein etni ho gai
Ki muh na khula
Sirf aankhon main sab kuch bya ho gya
Maine jo dekha tha wo ek sapna tha

-Rishabh Goswami

Hindi Love Poem – पलकों की ओट से

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देखे मैंने कई ख़्वाब पलकों की ओट से।
झुकी झुकी नजरों से भीगी हुई पलकों की ओट से।
सिमटे रहते हो तुम कहीँ गहरे से जाल में।
जैसे कह रहे हो अपना बनालो पलकों की ओट से।
कजरारे से इन नैनों में नमी का ना कोई साथ हो।
भीगी गर तेरी पलकें हो
तो आंसू मुझमेँ साज हों।
इन आंसुओ में भीग ले कहती है
नजर तेरी पलकों की ओट से।
बिन कहे पढ़ ले मुझे ना कह पायी नजरें कभी।
फिर भी कह रही धड़कने अपना बना ले फिर सही पलकों की ओट से।

-गौरव

Dekhe maine khbab palko ki ot se
Jhuki jhuki nazro se bhigi hue palko ki ot se
Simtei rhte ho tum khi ghare se jaal mein
Jese keh rhe ho apna bnalo palko ki ot se
Kjrare se en nano main nami ka na ho koi sath
Bheegi agar teri palke ho
To aansu mujme saaz ho
En aansuon mein bhig le khti hai
Nazr teri palko ki ot se
Bin khe padh le mujhe nai keh pai nazre kabhi
Fir bhi keh rhi dhdkane apna bna le fir shi palko ki ot se

-Gaurav

Hindi Love Story – मेरी कहानी

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आज में अपना सब कुछ गवाए बैठा हूँ ,
जाने कौन-कौन से दर्द सीने से लगाये बैठा हूँ ,
ठोकरे और रुस्वाइयां मिलने के बावजूद भी
कुछ यादो को दिल के आइनों में छुपाये बैठा हूँ ,

अश्कों की बरसात होती ही रहती है इन आँखों में,
फिर भी इनमे कुछ हसीं सपने सजाये बैठा हूँ ,
मिले कांटे ही हमें जिस राह पैर भी चले हम
में ज़माने की हर राह को आजमाए बैठा हूँ ,

निग़ाहें मिलायी थी हमने तुमसे वफा की चाह में ,
वफा के बदले सीने पर अपने जखमो को खाए बैठा हूँ ,
किसी कीमत पर नहीं झुका सिर मेरा कभी किसी के आगे
बस तेरे लिए ही इसे कब से झुकाये बैठा हूँ ,

कही लग न जाये काँटा कोई तेरे पाव में ,
इसलिए रास्तो पर तेरे कलिया फैलाये बैठा हूँ ,
सिर्फ तुम्हारा प्यार पाने के खातिर
में ज़माने के बाकि सारे सुखो को ठुकराये बैठा हूँ ,

कभी तो आकर देख ले एक बार ,
तेरी यादो में , मै खुद को लुटाए बैठा हूँ ,
बस तेरे प्यार का ही कर्ज बाकी है मुझपर
वरना ज़माने के हर कर्ज को चुकाए बैठा हूँ ,

खुद भी न जाने ‘कब उठ जाये अर्थी मेरी’ ,
बस तेरे इन्तेजार मै दिल को सजाये बैठा हूँ ,

-नीरव

Aaj me apna sab kuch gabayein betha hoon
Jane kon kon se dard sine se lgaye betha hoon
Thokre aur ruswai milne k babjud bhi
Kuch yado ko dil k aaeno mein chupaye betha hoon

Ashko ki barsat hoti rhti hai en aankho mein
Fir bhi enme kuch hasi spne sjaye betha hoon
Mile kante hi jis rah pr bhi chle hum
Main jmane ki har rah ko ajmaye betha hoon

Nigaahe milayi thi hmne tumse bfa ki chah mein
Bffa k badle apne sine pr apne jkhmo ko khaye betha hoon
Kisi kimat par nai jhuka seer mera kbhi kisi k aage
Bas tere lye hi ese kab se jhukaye betha hoon

Khi lag na jaye koi kanta tere paw mein
Eslye rasto par tere kliyaan falaye betha hoon
Sirf tumahra pyara pane k khatir
Main jmane k baki sare sukho ko thukare betha hoon

Kabhi to aa kar dekh le ek bar
Teri yado mein main khud ko lutaye betha hoon
Bas tere pyar pyar ka hi karj baki hai mujpar
Vrna jamane kei har karj ko chukaye betha hoon

Khud bhi na jane kb uth jaye arthi meri
Bas tere entejar me dil ko sajaye betha hoon

 –Neerav 

Hindi Love Poem for Girlfriend – सपनो में

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रोज सपनो में आती रहती हो
मुझमें खुद को जगाती रहती हो
क्या इरादा है बेबी जो यूँ
कुछ कुछ लिखवाती रहती हो

वो सपनो की क्या बातें है
जो जगी जगी सी आजकल सारी रातें है
झूठ मुठ का रूठो ना तो
रात भर प्यार से मनाती रहती हो
रोज सपनो रहती हो

लोग पूछते है क्या लिखता है
किसके लिये लिखता है
रोज रोज ये बेवजह पन्ना क्यों भरता है
मेरे चहरे से सबको खुद से मिलवाती रहती हो
रोज सपनो में आती रहती हो

मैं दिवाना हूँ जो पागल हो जाऊँगा
बिन निंदो क सपनो में खो जाऊँगा
जिस रात न हो इंतज़ार करवाती रहती हो 
रोज सपनो मैं आती रहती हो
मुझमे खुद को जगाती रहती हो

-योगेश जमदागनी

 

Roj Sapno mein aati rehti ho
Mujhme khud ko jagati rehti ho
Kya irada h baby Jo Yu
kuch kuch likhwati rehti ho

Wo sapno ki kya baten hain
Jagi jagi Si ajkal sari raten hain
Jhuth- muth ka ruthoo na  to
Rat bhar pyar se manati rehti ho
Roj sapno mein aati rehti ho

Log puchte hain kya likhta hain
Kiske liye likhta hain
Roj roj ye bewajh panne kyu bharta hain
Mere chehre se sabko khud se milwati rehti ho
Roj sapno mein aati rehti ho

Main deewana Hu Jo pagal Ho jaunga
Bin neendo k sapno me kho jaunga
Jis rat na Ho intejjar krwati rehti ho
Roj sapno mein aati rehti ho
Mujh mein khud ko jagati rehti ho

-Yogesh Jamdagni

Hindi Love Poem Missing Her – तेरी याद साथ है

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मुझसे दूर है तू पर तेरी याद साथ है
कुछ कही कुछ अनकही बातें आज भी मुझे याद है
कुछ इस कदर दूर चले गए हो तुम
जैसे कुम्भ के मेले में हो गए हो गुम
मेरी कोशिश तुझे पाने की है और वही पहले भी थी
मैं आज भी वहीँ खड़ा हूँ जहाँ तू छोड़ गयी थी
वक्त बीत रहा है हर लम्हा हर पल
आज भी दर्द है वहाँ जहाँ तूने अँखियों से किया था घायल
आज भी तेरे घर के सामने से गुज़रते हुए तेरे दीदार को तरसता रहता हूँ
पर अब वहां नहीं रहती तू मैं पागल ये भी भूल बैठा हूँ
जहां भी है तू खुश रहे तेरा अच्छे से दिल लगे
हम मर भी जाएँ तो भगवान करे तुझे खबर भी न लगे
तेरे दिखाए हुए सपनो को मैं आज भी अकेले जी लेता हूँ
तेरे दिए हुए ज़ख्मों को कुरेद के फिर से सी लेता हूँ
कभी न कभी तो तुम मुझे याद करोगे
हमसे मिलना है ये तुम खुद से बात करोगे
तुम जब कभी मुझसे मिलने आओगे
तब तुम हमको शायद वहाँ नहीं पाओगे
तब तुम लोगों से पूछोगे यहां अन्नू रहता था
वो कहेंगे वही जो सारा दिन उस सामने वाले घर की तरफ देखता रहता था
तब तुम्हें भी होश आएगा की अब वो दुनिया से चला गया
आजतक जो आँखें कभी नम ना हुई थी उनमें से पानी बहता गया
तब तुम्हें पता लगेगा की उसने इंतज़ार तो बहुत किया
पर वो भी तो इंसान है जो तेरी याद में ही जिया और तेरी याद में ही मर गया

-अनूप भंडारी

Hindi Love Poem for Her-यादें

तेरी यादों का मारा हूँ.….love-wallpapers-love-33002163-1920-1200
कभी पागल कभी आवारा हूँ..
कभी तेरे खयालों में खो जाता हूँ..
कभी ख़यालों में ही तेरे संग जी लेता हूँ..
कभी नींद में भी बेचैन हो जाता हूँ..
तुझे सोचते रहना, तुझे चाहते रहना..
बस एक यही काम अब मुझे है करते रहना.
तू मेरी क़िस्मत में है ही नहीं जाना
पर दिल मेरा ये बात आज तक ना माना..
मैं तेरा इंतज़ार करूँगा..
इस जनम में क्या
हर जनम में तुझपे ये जान निसार करूंगा
-इशान चोधरी 

Hindi Love Poetry on Dream Girl-कविता से मुलाकात हो गयी

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कविता से मुलाकात हो गयी
तन्हा मेरी ज़िंदगी में ख्वाबों की बरसात हो गयी,
एक दिन था अकेला, कविता से मुलाकात हो गयी,
कुछ वो मुझसे कहने लगी कुछ मैं उसे कहने लगा,
एक अनजाने अपने पहलू से मीठी कुछ बात हो गयी,
वो मेरे शब्दों में घुल गयी कविता बन के ज़िंदगी की कहानी कह गयी
तन्हाई के आलम से बाहर आने लगा अकेलेपन में मेरी हमसफर वो हो गयी,
कल्पना करता हूँ जब भी उसकी खूबसूरती की उसकी गहराई में डूब जाता हूँ,
ज़िंदगी के मेरे हर पल को एक पल में वो जीवन कर गयी,
शब्दों का ना वो जाल है ना कोई मायाजाल,
वो तो बस मेरे दिल का हाल है इतनी बात वो कह गयी,
हर खुशी हर गम को मेरे साथ वो सहती है
कुछ ना कहती है मुझसे हर पल हंसाती रहती है
रूप अनेक बनाती है कभी ग़ज़ल है, 
कभी है कविता, कभी शायरी वो कहलाती,
बस ओढ़ चुनरिया खुशियों की 
वो मेरे दिल को छू के जाती,
रात की गहराई हो या दिन का पहर 
साथ मेरे वो रहती है,
कभी रूठती है मुझसे कभी खेलती है 
मेरे संग मेरी कल्पना में जीती है,
अब ना जीना उसके बिन, 
मेरी सांसों में मेरी रूह में धड़कन बन के वो बस गयी,
तन्हा मेरी ज़िंदगी में ख्वाबों की रात हो गयी,
एक दिन था अकेला कविता से मुलाकात हो गयी
-गौरव

Hindi Love Shayari for Her-हज़ारो ग़ज़ल लिख गया

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उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उन्हें खूबसूरती का बेपनाह ताज कह गया,
संगमरमर से खूबसूरत है हुस्न जिनका,
उनके हुस्न को अजंता की मूरत लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उनके जिस्म की खुश्बू मेरी रूह में बस गयी,
उनकी प्यारी छवि मेरे दिल में उतर गयी,
पायल छनकती आई वो इस दिल में,
उनकी पायल की चमचम को
सुरों से सजा कोई गीत लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
वो आके रात में बाहों में बस गये,
वो होंठों से होंठों को मेरे चू गये,
वो जिस्म में उतरेय इस कदर की मेरी सांस बन गये,
उनकी सांसो के जीने को जीने का अंदाज़ लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उनकी आंखो से मिलना हुआ इस कदर की उनमें डूब गया,
देखता रहा बस उनकी आँखों को आँखों में खो गया,
चूमा जब उनकी आँखों को,
खूबसूरत पलकों पे सजा कोई ख्वाब लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया
-गौरव

Hindi Love Poem For Her-एक रात

 

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मैं तेरे चहरे को पढ़ना चाहता हूँ किताब की तरह
तेरे साथ बीते हुए हर लम्हे को पिरोना चाहता हूँ ख्वाब की तरह
मैं जानता हूँ नहीं मिल सकता हूँ तुमको हर रोज़..
इसलिये ख्वाबों में आके गले लगाना चाहता हूँ  मीठे एहसास की तरह.
गले मिलता हूँ जब मैं तो आँखें मेरी नॅम हो जाती हैं
भीगी हुई पलकों से लिपट के रोना चाहता हूँ तेरी याद की तरह..
चंद पल जब रह जाते हैं सवेरा होने में..जी भर के रोना चाहता हूँ
एक बार गले लगा लेना चाहता हूँ इस रात के खूबसूरत एहसास की तरह 

गौरव