
गम में जीने को कहता है ये दिल,
हमेशा तुझे महसूस करता है ये दिल,
तेरी याद में रुलाता है ये गम,
तेरी खुशी में हँसाता है ये गम,
नासमझ बना देता है मुझे ये गम,
समझती है सिर्फ तू मुझे is गम में,
जिस दिन मैने तुझे दिया ये गम,
उस रात आँखें हुई मेरी नॅम,
कभी रोया,कभी हंसा, कभी सहमा इस गम में,
कभी संभाला,कभी सहलाया मुझे इस गम ने,
लड़ने की हिम्मत दी मुझे इस गम ने,
मुझको ज़िंदगी का आईना दिखाया इस गम ने ,
एक अटूट सा रिश्ता है जिससे,
सदा रहना है साथ जिसके,
वादा है रहेगा ये गम
जब तक है सांसों में दम ..
-कविता परमार