Hindi Love Poem for Her-Dil Se Awaz Ayi Hai

दिल से आवाज़ आयी है
दिल से आवाज़ आयी है
जो कहा नहीं जाता वो सब बोलता है दिल
शायद आँखों से पता लग जाये क्या कहता है दिल
यार अजीब बात है इतनी याद आयी है
कि सोचते सोचते मेरी आंख भर आयी है
ये मैं नहीं बोल रहा
ये तो दिल से आवाज़ आयी है
सुबह उठते ही आपको देखने को बोलता है
सोने से पहले आपको सुनने को बोलता है
अब इसको क्या पता कि मेरी जान को भी नींद नहीं आयी है
मैंने नहीं बोला ये तो मेरे दिल से आवाज़ आयी है
बार बार आपकी तस्वीर देखता है दिल
आपकी आँखों और हंसी में क्या ढूंढता है दिल
आपकी नज़रों में प्यार देखते देखते
मेरी आंख भी शरमाई है
मैं नहीं बोल रहा ये तो मेरे दिल से आवाज़ आयी है
बार बार ध्यान मेरा घड़ी की तरफ जाता है
ये वक़्त बेरहम है
इसे जितना ज़्यादा देखो उतना इंतज़ार करवाता है
ये इंतज़ार करने को तैयार है
पर एक बेचैनी सी छाई है
मैंने नहीं बोला, ये तो मरे दिल से आवाज़ आयी है
आपके चेहरे पे ख़ुशी देख के
ये ज़ोर से धड़कने लगता है
थोड़ी सी भी उदासी देख के
ये बहुत तड़पने लगता है
आपको हँसता हुआ देख के
इसने बहुत ख़ुशी मनाई है
मैंने थोड़ी कुछ बोला, ये तो मेरे दिल से आवाज़ आयी है
आपके पास आने की ज़िद करता है
तो इसे समझा देता हूँ
आपकी प्यारी प्यारी बातें इसको सुना देता हूँ
मैंने इसे हमारी कहानी सुनाई है
तो बदले में इसने मुझे आपकी इज़्ज़त करनी सिखाई है
ये मैं नहीं बोल रहा, ये तो मेरे दिल से आवाज़ आयी है
मुझे पूछने लगा, “उसपे इतना प्यार क्यों आता है?”
मैंने कहा, “अरे जितना कुछ उसने सहा मेरे लिए.. इतना कोई नहीं कर पाता है”
“बड़ा खुशकिस्मत हूँ कि मैंने आपके दिल में जगह बनाई है”
मैंने नहीं बोला जी, ये तो मेरे दिल से आवाज़ आयी है
आपको किसी और के पास कभी जाने नहीं देता
मिलना तो दूर ये तो आपको किसी दूसरे से बात तक करने नहीं देता
अगर किसी ने कोशिश भी की आपके पास आने की
तो उसको मारने की कसम खायी है
मैं नहीं बोल रहा, ये तो मेरे दिल से आवाज़ आयी है
मेरी ज़िन्दगी में कितने खास हो आप क्या ये जानते हो?
आपसे खुद से ज़्यादा प्यार करता हूँ ये तो मानते हो?
आपका प्यार और प्यारी सी आवाज़ मेरे ज़ख्मों की दवाई है
मैंने थोड़ी बोला, ये तो मेरे दिल से आवाज़ आयी है
-आकाश

Dil se awaz ayi hai
Dil se awaz ayi hai
Jo kaha nahi jata wo sab bolta hai dil
Shayad aankhon se pata lag jaye
kya kehta hai dil
Yaar ajib baat hai itni yad ayi hai
Ki sochte sochte meri ankh bhar ayi hai
Ye mai nahi bol raha, ye to dilse awaz ayi hai
Subah uthte hi apko dekhne ko bolta hai
Sone se pehle apko sunne ko bolta hai
Ab isko kya pata ki meri jaan ko bhi neend nahi ayi hai
Mene nahi bola, ye to mere dil se awaz ayi hai
Bar bar apki tasveer dekhta hai dil
Apki ankhon aur hasi me kya dhundta hai dil
Apki nazro me pyar dekhte dekhte meri ankh bhi sharmai hai
Mai nahi bol rha ye to mere dilse awaz ayi hai
Bar bar dhyan mera ghadi ki taraf jata hai
Ye waqt bhi bereham hai..
Ise jitna zyada dekho utna intezar karvata hai
Ye intezar karne ko to taiyar hai par ek bechaini si chhayi hai
Mene nahi bola, ye to mere dilse awaz ayi hai
Apke chehre pe khushi dekh ke ye zorse dhadakne lagta hai
Thodi si bhi udasi dekh ke ye bahut tadapne lagta hai
Apko hansta hua dekh ke isne bahut khushi manai hai
Mene thodi kuch bola, ye to mere dilse awaz ayi hai
Apke pas ane ki zid karta hai to ise samjha deta hu
Apki pyari pyari baatein isko suna deta hu
Mene isse hamari sari kahani sunai hai
To badle mein isne mujhe apki izzat karni sikhai hai
Ye mai nahi bol rha, ye to mere dilse awaz ayi hai
Mujhe puchne laga uspe pe itna pyar kyu ata hai
Maine kaha.. arre jitna kuch usne saha mere liye, itna koi nhi kar pata hai
Bada khush kismt hu ki maine apke dil mein jagah banai hai
Maine nahi bola ji, ye to mere dilse awaz ayi hai
Apko kisi aur ke pas kabhi jane nahi deta
Milna to door ye to apko kisi dusre se baat tak karne nahi deta
Agar kisine koshish bhi ki apke pas ane ki
To usko marne ki kasam khai hai
Mai nahi bol rha, ye to mere dilse awaz ayi hai
Meri zindagi mein kitne khas ho ap kya ye jante ho
Apse khudse zyada pyar karta hu ye to mante ho
Apka pyar aur pyari si awaz mere zakhmo ki dawai hai
Maine thodi bola, ye to mere dilse awaz ayi hai
-Akash

Hindi Love Poem on Separation- प्यार की धड़कन

बिछड़ी प्यार की धड़कने
आँखों में नमी दे
बन्द राहों की उलझनें जीने न दे
वो खामोशियाँ भी इश्क़ को ही तलाशे
कुछ अनकही सी ख्वाइशें
दिल तो छुपा दे ये मोहोब्बत
कैसा जो अंग अंग लुटा न दे……

-स्वेता

Bichadi pyaar ki dhadkaney
Aankhon mein nami de
Bandh raahon ki uljhan Jeene na de
Vo khamoshiyaan bhi Ishq ko hi talashe
Kuch ankahi si khwaahishey
Dil ne chupa de Yeh mohobbat
kaisa Jo ang ang luta na de

-Swetha

Hindi Love Poem on Separation-आँखें जो खुली

आँखें जो खुली तो उन्हें अपने करीब पाया ना था
कभी थे रूह में शामिल आज उनका साया ना था
बेपनाह मोहब्बत की जिनसे उम्मीदें लिये बैठे थे
उनसे तन्हाइयों की सौगातें मिलेंगी बताया ना था
एक हम ही कसीदे हुस्न के हर बार पढ़ते रहे पर
उसने तो कभी हाल-ए-दिल सुनाया ना था
वो फिरते रहे दिल में ना जाने कितने राज लिये
हमने तो कभी उनसे जज्बातों को छुपाया ना था
जाने क्यों हम बेवजह मदहोश हुआ करते थे
जाम आँखों से तो कभी उसने पिलाया ना था
मीलों कब्ज़ा कर बना रखा था सपनों का महल पर
उसने वो ख़्वाब कभी आँखों में सजाया ना था
धड़कन ‘मौन’ हुई अब एक आह की आवाज़ है
शिकवा क्या उनसे जिसने कभी अपना बनाया ना था

-अमित मिश्रा

Aankhein jo khuli thi to unhe apne kareeb paya naa tha
Kabhi they ruh mein shamil aaj unka saya naa tha
Bepanaah mohabbat ki jinse umid liye beithe they
Unse tanhai ki saugate milegi btaya naa tha
Ek hum hi kaside husan ke har baar padte rahe par
Unse to kabhi haal ae dil sunaya naa tha
Wo firte rahe dil me naa jane kitne raaz liye
Hamne to kabhi unse jazbaton ko chupaya naa tha
Jane kyon hum bevajah madhosh hua karte they
Jaam aankhon se to kabhi usne pilaya na tha
Milon kabza kar bana rakha tha sapno ka mahal par
Usne wo khwab kabhi aankhon me sajaya na tha
Dhadkan maun hue ab ek aah ki aawaz hai
Shikwa kya unse jisne kabhi apna banaya naa tha

-Amit Mishra