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Hindi Love Poem for Him-इंतज़ार

इंतज़ार-आखिर कब तक?
अनजानी राहों पे इंतज़ार किया करती हूँ,
हज़ारों की भीड़ में बस तुझे तलाश किया करती हूँ,
कुछ पल के लिये तो ये राहें भी साथ देती हैं,
थोड़ा चलके साथ आगे तन्हा छोड़ देती हैं,
आंसू जब भी आते हैं मेरी आँखों में,
मेरी नज़रें बस तेरा दामन तलाश करती हैं,
जब नहीं मिलता है दामन तेरा,
जी भर के पलकें भिगोया करती हैं,
रास्ते भी ये देख के मुझपे हंसा करते हैं,
देखके मेरी बेबसी का ये मंज़र,
या खुदा मुझे अब मिलादे बिछड़ने वालों से,
लोग मेरी बेबसी का मज़ाक बनाने का इंतज़ार किया करते हैं|
-कविता परमार
Hindi Love Poem for Girlfriend-तेरे न होने की मुझे फिकर तो है

तेरे न होने की मुझे फिकर तो है,
मेरी ज़ुबाँ पर तेरा ज़िकर तो है,
ढूँढता हूँ तुम्हे मैं बीती हुई यादों में ,
उन चन्द लम्हों की मुलाकातों में ,
कैसे कहुँ तुमसे वो सारी बातें,
बेरुखी सी हो गई है अब हालतें,
किस हद तक तेरा इंतेजार करता हूँ,
अपनी साँसो को हर-पल बेक़रार करता हूँ,
तुमसे खफ़ा होना मुझे आता नहीं,
बिन देखे तुम्हे रहा जाता नहीं,
कैसी ये घड़ी ऋतु लायी है,
उनकी तस्वीर ही मेरे पास बच पायी है,
जब कभी अकेले में रोता हूँ,
भीगी पलकों से उसको देखता हूँ,
अब तो ये मेरी आदत बन चुकी है,
मेरी निगाहें अभी भी उसी पर टिकी हैं,
चलो चलता हूँ, फिर कभी मुलाकात करूँगा,
तेरे जवाब का मै इंतेजार करूँगा ,
-सत्यम राजा
Hindi Love Shayari-कब

Hindi Love Poem for Lost Love-ए दोस्त जब जाना ही था

ए दोस्त जब जाना ही था
ऐ दोस्त जब जाना ही था,
तो पलकों के आँसू बन कर क्यों रह गये?
हर पल हम तुझे ही सोचते रहे,
दुआ में सिर्फ तेरा ही नाम लेते रहे,
दुआ कबूल करके खुदा भी प्यार से कहते गये,
कि ‘वो सब तो आगे चले गये,
फिर तुम क्यों यूँ ही भटकते रह गये,
ऐ दोस्त जब जाना ही था,
तो दिल की आश बन कर क्यों रह गये?
तुझे पाने की ख्वाहिश में हम खुद को भूल गये,
तुझसे बिछड़ने के गम में हम जीना ही भूल गये,
आज खुदसे इतने रुठे कि,
खुदा से मौत की भीख मांग बैठे
पता नहीं था मरने की होगी इतना तमन्ना
न जाने क्यों आज तक यूँ ही जीते रह गये,
ऐ दोस्त जब जाना ही था,
तो दु:ख में मेरा साथ छोड़ तुम कहाँ गये?
हम बेवक़ूफ़ हर दिन ये सोचते रहे कि,
कल मेरे दोस्त से बाते होंगी,
और दुनिया की हर खुशी मेरे पास होगी,
पर ना जाने अब वो दिन सिर्फ
सपनों में दिल की आशा बन कर रह गये,
ऐ दोस्त जब जाना ही था
तो मेरी सांसे बन कर क्यों रह गये?
ऐ दोस्त जब जाना ही था
तो मुझे जिंदा छोड़ कर क्यों चले गये?
-राझ
Hindi Sad Miss You Love Poem Shayari For Him and Her-चाहत

अपनी ही चाहत को हम अपना ना बना पाये
उनके खयालो की दुनिया में हम शामिल ना हो पाये
सिर्फ उनकी खोखली यादों में हमने ना जाने कितने दिये जलाये
फिर भी अफसोस अपनी मुहब्बत की दास्तान अपनो को सुना ना पाये
अब ना कोई उल्लास है ना कोई उमंग
सिर्फ और सिर्फ है तो अधूरी दास्तान के साथ जीने की एक जंग
लोग कहते हैं वो समझ नहीं सकते हमें
समझना उनकी फितरत में शामिल नहीं
छोड़ो समझने की बात
कभी समय मिले तो समझ के देखना की
जब दिल टूटता है तो आवाज़ नहीं आती
सिर्फ निकालते हैं आंख से आंसू
सारी दुनिया बहती हुई नज़र आती
और दुनिया के साथ तुम भी
रोकने की कोशिश करते
तुम्हें मगर रोक ना पाते
क्योंकि हम कभी खुद को
तुम्हारे ख्वाबों में ना पाते
बस ऐसे ही चलती है ज़िंदगी
बस ऐसे ही कट ता है जिंदगी का सफर
निकलती है दिल से आवाज़ “तुम ही थे,तुम ही हो, तुम ही रहोगे”
ना सही प्यार बनकर मगर एक कसक बनकर ज़रूर
अब चलते हैं दोस्त
चलना पड़ेगा ये खुदा ने कहा है
तुम भी चलोगे हम भी चलेंगे हमेशा अलग अलग
यही तो है आज का तजुर्बा और इस जिंदगी का रुत्बा
-प्रतिभा सिंग
Chahat
Apni hi chahat ko ham apna na bana paye
Unke khayalo ki duniya mein ham shamil na ho paye
Sirf unki khokhli yadon mein hamne na jane kitne diye jalaye
Fir bhi afsos apni muhabbat ki dastan apno ko suna na paye
Ab na koi ullas hai na koi umang
Sirf aur sirf hai to adhuri dastan ke sath jeene ki ek jung
Log kahte hain wo samajh nahi sakte hamein
Samajhna unki fitrat mein shamil nahin
Chodo samajhne ki bat
kabhi samay mile to samajh ke dekhna ki
Jab dil toot ta hai to awaz nahin aati
Sirf nikalte hain aankh se aansu
Sari duniya bahti huyi nazar aati
Aur duniya ke sath tum bhi
rokne ki koshish karte
tumhein magar rok na pate
Kyonki ham kabhi khud ko
tumhare khwabon mein na pate
Bas aise hi chalti hai zindagi
bas aise hi kat ta hai jindgi ka safar
Nikalti hai dil se awaz “Tum hi the,tum hi ho,tum hi rahoge”
Na sahi pyar bankar magar ek kasak bankar zaroor
ab chalte hain dost
chalna padega ye khudai ne kaha hai
tum bhi chaloge ham bhi chalenge hamesha alag alag
yahi to hai aaj ka tajurba aur is jindagi ka rutba
-Pratibha Singh
Hindi Love Poetry, Love Shayari-मेरा क्या कसूर

Nigahein teri katilana hain
Is mein mera kya kasoor,
Khubsurat tu bepanah hai
Deewana main ho raha hoon
Is mein mera kya kasoor,
Dekhti ho jis ada se mujhko
Pyar tumse karne laga hoon
Apni nigahon ko tujhe dekhne se rok na paaoon
Is mein mera kya kasoor,
Dil kahta hai kahin aur chal
Par kadam teri ore khud hi badh jayein agar
Is mein mera kya kasoor,
Khwab bhi pareshan hain
Neend bhi hairan hai
Mere sapnon mein ap roz roz agar tum aao
Is mein mera kya kasoor,
Jab bhi likhta hoon kavita koi
Apne ap dil ki kahani likh jati hai ye meri kalam
Itna yaad agar tum aao
Is mein mera kya kasoor,
Sahme sahme labon se bolna
Shuru kr dia hai tumse
Par ye zuban sirf pyar ke dhai akshar
Agar tumse kahna chahe
Is mein mera kya kasoor.
-Gaurav