
Hindi Poem for Girlfriend – दिल कहता है

Hindi Love Poems| प्रेम कविता |Romantic Poems|Prem Kavita
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माही मेरे इश्क़ को ना समझे मेरा यार,
गहरा बहुत है दिल मे मेरे आज तेरा प्यार,
तुझमे ही मैं खोई रहती,तुझको ही मैं सोचती,
सारी दुनिया बोलती जोगन बनी मैं यार,
मेरे दिल की सबने जानी पर वो वाबरा अंजान है,
वही कुछ नहीं जनता जिसे करूँ मैं प्यार,
जिसको सोचके हँसती हूँ,जिसमें ही मैं खोती हूँ,
जिसमे जीवन के रंग सजे,बस बना रहा वही मेरे इश्क़ से अंजान,
सच कहा है दुनिया ने जोगन तेरे इश्क़ को ना समझे तेरा यार,
करती है तू कितना उसको अपने दिल से प्यार,
बस बना रहा वही वाबरा इश्क़ से अंजान,तेरे इश्क़ से अंजान।
– गौरव

देखो न रूठो मुझसे जाना
मैं हूँ तुम्हारा दीवाना
ओ जाना मेरी जाना
तुमको ही अपना माना
मुझे न छोड़ के जाना
कभी भी मेरी जाना
मैं हूँ तेरा आशिक़ दीवाना
ओ जाना मेरी जाना
मुझसे प्यार निभाना
तुम रूठी तो मैंने जाना
कितना प्यार है तुमसे जाना
ओ जाना मेरी जाना
तूने मुझे नहीं जाना
अब तो मुस्कुरा दो जाना
मैं तेरा दीवाना
तेरा दीवाना

सुन्दर है सुन्दर
सबसे वो सुन्दर
बहार अंदर
दोनों से सुन्दर
सूरत से सुन्दर
दिल से भी सुन्दर
ऐसी मनोहर
ऐसी वो सुन्दर
आँखें नशीली
आँखों में काजल
ज़ुल्फ़ें काली
ज़ुल्फ़ों पे आँचल
हाथों के कंगन
कंगन में मेरा मन
उफ़
सुन्दर वो सुन्दर
सबसे वो सुन्दर
नए साल के नए दिन
मैं यही इज़हार करता हूँ
मैं कल भी तुमसे प्यार करता था
आज भी तुम पर ही मरता हूँ
तुम मुझे याद करो या भूलो
मैं तो बस तुम्हें पूजा करता हूँ
मैं कल भी तुमसे प्यार करता था
आज भी तुम पर ही मरता हूँ
तुम मेरे दिल में यूं समायी हो
जैसे फूलों में खुशबू छायी हो
मैं कल भी तुमसे प्यार करता था
आज भी तुम पर ही मरता हूँ
खुदा से आज भी रोज़ मैं
बस तुमको ही माँगा करता हूँ
मैं कल भी तुमसे प्यार करता था
आज भी तुम पर ही मरता हूँ
-अनुष्का

मुझसे दूर है तू पर तेरी याद साथ है
कुछ कही कुछ अनकही बातें आज भी मुझे याद है
कुछ इस कदर दूर चले गए हो तुम
जैसे कुम्भ के मेले में हो गए हो गुम
मेरी कोशिश तुझे पाने की है और वही पहले भी थी
मैं आज भी वहीँ खड़ा हूँ जहाँ तू छोड़ गयी थी
वक्त बीत रहा है हर लम्हा हर पल
आज भी दर्द है वहाँ जहाँ तूने अँखियों से किया था घायल
आज भी तेरे घर के सामने से गुज़रते हुए तेरे दीदार को तरसता रहता हूँ
पर अब वहां नहीं रहती तू मैं पागल ये भी भूल बैठा हूँ
जहां भी है तू खुश रहे तेरा अच्छे से दिल लगे
हम मर भी जाएँ तो भगवान करे तुझे खबर भी न लगे
तेरे दिखाए हुए सपनो को मैं आज भी अकेले जी लेता हूँ
तेरे दिए हुए ज़ख्मों को कुरेद के फिर से सी लेता हूँ
कभी न कभी तो तुम मुझे याद करोगे
हमसे मिलना है ये तुम खुद से बात करोगे
तुम जब कभी मुझसे मिलने आओगे
तब तुम हमको शायद वहाँ नहीं पाओगे
तब तुम लोगों से पूछोगे यहां अन्नू रहता था
वो कहेंगे वही जो सारा दिन उस सामने वाले घर की तरफ देखता रहता था
तब तुम्हें भी होश आएगा की अब वो दुनिया से चला गया
आजतक जो आँखें कभी नम ना हुई थी उनमें से पानी बहता गया
तब तुम्हें पता लगेगा की उसने इंतज़ार तो बहुत किया
पर वो भी तो इंसान है जो तेरी याद में ही जिया और तेरी याद में ही मर गया
-अनूप भंडारी
