Hindi Love Poem for Him – तू जो कह दे


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तू जो कह दे तो खुदा से भी लड़ जाये हम
तेरी ख़ुशी के लिये मरना पड़े ,मर जाये हम
तेरी बातें है मिशरी जैसी तू बता दिल कैसे न लगाये हम
तेरी चाहत में कशिश कुछ ऐसी बिन कहे खींचते ही आये हम
तू जो कह दे मुझसे अब बिन कहे अजनबी बन जाये हम
तू जो कह दे तो खुदा से भी लड़ जाये हम
तेरी ख़ुशी के लिए मरना पड़े मर जायेगे हम
तुझको पाना है एक गुज़ारिश अपनी, दिल को कैसे समझायें हम
तुझको खोना था किस्मत अपनी ,रोक भी तुझको ना पाये हम
तू जो मिल जाये यूँ ही कभी सच कहे ख़ुशी से मर जाये हम
तू जो कह दे तो खुदा से भी लड़ जाये हम
तेरी ख़ुशी के लिये मरना पड़े ,मर जायें हम

– अनुष्का सूरी

Tu jo keh de to khuda se bhi, lad jaye hum
Teri khushi ke liye marna pade, mar jaye hum
Teri batein hain mishri jaisi, tu bata dil kaise na lagaye hum
Teri chahat mein kashish kuch aisi, bin kahe khichte hi aye hum
Tu jo keh de na milo mujhse ab, bin kahe ajnabi ban jaye hum
Tu jo keh de to khuda se bhi, lad jaye hum
Teri khushi ke liye marna pade, mar jaye hum
Tujhko pana hai ek guzarish apni, dil ko kaise samjhaye hum
Tujhko khona tha kismat apni, rok bhi tujhko na paye hum
Tu jo mil jaye yu hi kabhi, sach kahein khushi se mar jaye hum
Tu jo keh de to khuda se bhi, lad jaye hum
Teri khushi ke liye marna pade, mar jaye hum

– Anushka Suri

Hindi Love Shayari for Boyfriend – दिवानी


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दिवानी दिवानी
मैं हूँ दिवानी
अनजानी अनजानी
इश्क़ से अनजानी
मनमानी मनमानी
दिल करें मनमानी

जब भी तुझे देखूँ
सूझे नादानी
जब भी तुझे चाहूँ
आये प्यार दिलजानी

तू ही मेरा रब है
तू ही मेरी कुर्बानी
तू ही मेरी पुस्तक
तू ही मेरी कहानी

दिवानी दिवानी
मैं हूँ दिवानी

– अनुष्का सूरी 

Deewani deewani
Main hui deewani
Anjani anjani
Ishq se anjaani
Manmaani manmaani
Dil kare manmaani

Jab bhi tujhe dekhu
Sujhe nadaani
Jab bhi tujhe chahu
Aye pyar diljaani

Tu hi mera rab hai
Tu meri kurbani
Tu hi meri pustak
Tu hi meri kahaani

Deewani deewani
Main hui deewani

-Anushka Suri

Fire of Love-इश्क़ की अगन


ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,love fire
जो तेरी लगन लगे तो मेरी सुधबुध ही खो जाये,
वो देश गया था पराए जो मुझको दिल से भुलाये,
फिर यादों ने जब जकडा वो दिल से मुझको बुलाये,
ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,
सांझ लगी कांटों सी, हवा भी दर्द को लाये,
जब बातें करती हैं रातें, सपनों में तू ही आये,
आँखों में आंसु रहते हैं जब नज़रों में तू छाये,
ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,
इस दिल का कतरा कतरा कहता तेरा पयार है मुझको पाना,
ना पाऊँ तुझे तो मर जाऊँ सांसो को अब ना रहना,
बिन तेरे क्या है जीना, जीना मुझको ना जीना,
ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,
जो तेरी लगन लगे तो मेरी सुधबुध ही खो जाये|
-गौरव

Short Hindi Love Poem for Her – छोटी छोटी बातों पे


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छोटी छोटी बातों पे हंसी उसको आती नहीं,
धीमे धीमे प्यार से वो मुस्कुराती नहीं,
क्या करूँ मैं? उसको हसाऊँ या खुद रो पड़ूँ मैं?
उसे मुस्कुराहट का मतलब किन लफ़्ज़ों में समझाऊँ मैं..
-कविता परमार
Choti choti baton pe hansi usko aati nahin,
Dheeme dheeme pyar se wo muskurati nahin,
Kya karoon main? Usko hasaoon ya khud padoon main?
Use muskurahat ka matlab kin lafzon mein samjhaoon main..
-Kavitha Parmar
English Translation
She does not laugh at ordinary events
She does not cutely and slowly smile with love
What should I do? Should I make her smile or cry myself?
In what words do I explain the meaning of a smile to her?
– A poem by Kavitha Parmar

Hindi Love Shayari for Her-तेरी सांसों में


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तेरी सांसों में मिल जायें मेरे सांसें,

तेरी बातों मे घुल जायें मेरी बातें,

अब तो बस यही दुआ है उस रब से,

तेरी रातों से मिल जायें मेरी रातें,

हम दोनों में हो जायें मुहब्बतें

-अमिर्धा

Intimate Hindi Love Poem for Her-एक जिस्म दो जान


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एक जिस्म दो जान
वो मुझमें इस कदर ज़िंदा है
कि अब मरने का भी डर नहीं है मुझको,
कि इस एक जिस्म में दो जान कैसे रहेंगे,
अब तो चाहत है मर जाने दो मुझको.

दिल में बसाकर रखा है उसे,
डरता हूँ कि मेरी कोई टीस ना चुभे उसको,
इस एक जिस्म में दो जान कैसे रहेंगी,
अब तो चाहत है मरजाने दो मुझको

मैने अपनी हर चाहत में उसे ज़िंदा रखा है,
मेरे छू लेने से कहीं वो मैला ना हो जाये,
अब तो इस जिस्म को छूने में भी डर लगता है,
इस एक जिस्म में दो जान कैसे रहेंगी,
अब तो चाहत है मरजाने दो मुझको

-योगेश कुमार यदुवंशी

Hindi Love Shayari Poetry on Eyes-निगाहों की गलतियाँ


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निगाहों की गलतियाँ
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
क्यों दिखाती हैं ख्वाब,
क्यों दिलाती हैं एहसास जब
पूरे ना हो पायें वो ख्वाब,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
एक पल मैं देखता हूँ
कोई मुस्कुरा दे तो दीवानी हो जाती हैं,
छोटी छोटी बातों पे खुशियों का
परवाना हो जाती हैं,
बिछा देती हैं खुद को किसी के प्यार में,
सब लुटा देती हैं,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
कभी सोचती हैं हो गया प्यार हमको,
कभी किसी की रुसवाई में रो देती हैं,
मिलता नहीं जिसे वो चाहे तो
कुछ और देखना नहीं चाहती हैं,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
हर बात का खुद से मतलब निकाल लेती हैं,
बिन जाने किसी और की हो जाती हैं,
घंटो तक इंतज़ार करती हैं
किसी के आने का पलकों को बिछा के,
जब नहीं आता है वो तब मान नहीं पाती हैं
और आस उसके आने की लगाती हैं,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
मैं पूछता हूँ
क्यों देखती हो ख्वाब किसी के,
क्यों चाहती हो बेपनाह किसी को,
वो मेरी बात पे
थोड़ा सा मुस्कुरा देती हैं,
बस कुछ कह नहीं पाता उनको
क्योंकि मेरी निगाहें भी ये गलती
बार बार किया करती हैं,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं.
-गौरव

Nigahon Ki Galtiyan
Sab galtiyan nigahon ki hain,
kyon dikhati hain khwab,
kyon dilati hain ehsas jab
pure na ho payein wo khwab,
sab galtiyan nigahon ki hain,
ek pal main dekhta hoon
koi muskurake to deewani ho jati hain,
choti choti baton pe khushiyon ka
parwana ho jati hain,
bicha deti hain khud ko kisi ke pyar mein,
sab luta deti hain,
sab galtiyan nigahon ki hain,
kabhi sochti hain ho gaya pyar humko,
kabhi kisi ki ruswai mein ro deti hain,
milta nahin jise wo chahe to
kuch aur dekhna nahin chahti hain,
sab galtiyan nigahon ki hain,
har bat ka khud se matlab nikal leti hain,
bin jane kisi aur ki ho jati hain,
ghanto tak intazar karti hain
kisi ke aane ka palkon ko bicha ke,
jab nahin aata hai wo tab maan nahin pati hain
aur aas uske aane ki lagati hain,
sab galtiyan nigahon ki hain,
main puchta hoon
kyon dekhti ho khwab kisi ke,
kyon chahati ho bepanah kisi ko,
wo meri bat pe
thoda sa muskura deti hain,
bas kuch kah nahi pata unko
kyonki meri nigahein bhi ye
galti bar bar kiya karti hain,
sab galtiyan nigahon ki hain.
-Gaurav