Intimate Hindi Love Poem for Her-एक जिस्म दो जान

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एक जिस्म दो जान
वो मुझमें इस कदर ज़िंदा है
कि अब मरने का भी डर नहीं है मुझको,
कि इस एक जिस्म में दो जान कैसे रहेंगे,
अब तो चाहत है मर जाने दो मुझको.

दिल में बसाकर रखा है उसे,
डरता हूँ कि मेरी कोई टीस ना चुभे उसको,
इस एक जिस्म में दो जान कैसे रहेंगी,
अब तो चाहत है मरजाने दो मुझको

मैने अपनी हर चाहत में उसे ज़िंदा रखा है,
मेरे छू लेने से कहीं वो मैला ना हो जाये,
अब तो इस जिस्म को छूने में भी डर लगता है,
इस एक जिस्म में दो जान कैसे रहेंगी,
अब तो चाहत है मरजाने दो मुझको

-योगेश कुमार यदुवंशी

Intimate Hindi Love Poem for Her-दिल में बसा लिया

LOV
दिल में बसा लिया
ख्वाबों के बादल से तुझको चुराके लाऊँगा,
करके प्यार का इज़हार तुझको दिल में बसाऊंगा,
महकेगी हर फ़िज़ा हर कली तेरे आने की आहट से,
दिल की बगिया में कुछ फूल तेरी खुशियों के मैं भी खिलाऊँगा,
जैसे ही पहुंचा मैं तेरे पास तेरी पायल को मस्ती छा गयी,
छम छम सी करने लगी कहने लगी दिल में बहार आ गयी,
तेरी आँखों का काजल भी शैतानी करने लगा
कहने लगा तू भी मुझसे प्यार है करने लगी,
उठा के तुझको गोद में बाहों का हार पहन लिया,
देखने लगी ये कलियाँ,ये फिज़ायें,तेरी पायल
सबको हया सी शर्म आ गयी,
होने लगी उस पल हमारी सिर्फ आँखों आँखों में बातें
राज़ ये गहरा जताने लगी,
उसके बिन कहे ही
उसके प्यार का एहसास दिलाने लगी,
रहा ना उस एक पल प्यार पे काबू
सीने से उसको लगा लिया,
लेके बाँहों के आगोश में उसको छुपा लिया,
किसी की नज़र का एहसास भी ना छू पाये
तुझको मेरी नज़रों के सिवाय,
ये सोच के तुझको हमेशा के लिये
दिल में बसा लिया
-गौरव