Hindi Love Poem For Her-जाने क्या रिश्ता है


जाने क्या रिश्ता है जाने क्या नाता है तुमसे
अनजाना सा एहसास है अनजानी सी राह है
जाने क्या चाहता है यह बावरा मन
इसकी लीला यही जाने
ना कहुँ तुझे चाँद का टुकड़ा
ना कहुँ तुझे मेरे लिये बनाया है
बस इतना कहुँ की तू जीने का सहारा है
जाने क्या रिश्ता है तुमसे जाने क्या नाता है
अनजानी सी राहों पर चलना
अनकही बातें महसूस करना
हर आहट में तुझे महसूस करना
शायद तुम्हे याद करने के तरीके बन गये है
तेरी आँखों की नमकीन मस्तियाँ क्यों घायल करे मुझे
इन एहसासों को कैसे बाँधू मैं
मैं खो जाऊँ तुम्हारी इन नशीली आँखों में
मैं फिर कहा जोर इस ज़माने को
जाने क्या रिश्ता है क्या नाता है तुमसे

-सोना

Jane kya rishta hai jane kya nata hai tumse
Anjana sa ehsas hai anjani si rahe hai
Jane kya chahta hai yeh bawra man
Iski leela yahi jane
Na khu tuje chand ka tukda
Na khu tuje mere liye banaya hai
Bs itna khu ki tu jine ka sahara hai
Jane kya rishta hai tumse jane kya nata hai
Anjani si raho par chalna
Ankahi baatein mehsus karna
Har aahat mai tumhe mehsus karna
Sayd tumhe yad krne ke tarike ban gye hai
Teri aankhon ki namkeen mastiyan kyu gayal kare muje
En ehsaso ko kese bandhu mai .
Mai kho jau tumhari in nashili aankho mai
Fir kha jaur is jamane ko
Jane kya rishta hai jane kya nata hai tumse..

-Sona

Hindi Love Poem For Her- चलते रहने दो


दीदार-ऐ-नजर ना सही सपनों में आते रहिये
मुलाकातों का सिलसिला यूँ ही चलते रहने दो
लब खामोश अगर तो क्या आँखों से बताते रहिये
इस दिल को अपनी बेकरारी यूँ ही कहते रहने दो
हवा आहिस्ता बहे तो क्या इन जुल्फों को उड़ाते रहिये
इन केशों को हंसी चेहरे पे यूँ ही बिखरते रहने दो
लाख गम हो सीने में मगर फिर भी मुस्कुराते रहिये
इन हंसी के फुहारों को यूँ ही निकलते रहने दो जल्द होगी
मुलाक़ात उनसे खुद को समझाते रहिये
तुम ‘मौन’ सही पर अरमानों को यूँ ही मचलते रहने दो

-अमित मिश्रा

Deedar a nazar na sahi sapno me aate rahiye
Mulakaton ka silsila yoon hi chalte rahne do
Lab khamosh agar to kya aankhon se btate rahiye
Es dil ko apni bekarari yoon hi kahte rahne do
Hawa aahista bahe to kya en Zulfon ko uadate rahiye
En julfon ko hassi chehre pe yoon hi bikhrte rahne do
Lakh gam ho sine me magar fir bhi muskurate rahiye
En hasi k fuharon ko yoon hi nikle rhe do
Jaldi hogi mulakaat unse khud ko samjhate rahiye
Tum maun sahi par armanon ko yoon hi machalte rhne do

-Amit Mishra

Hindi Love Poem-पता न चला


पता न चला, मै कहाँ खो गया
उसके जुल्फों के नीचे,
सहर हो गया एक मुस्कान जो,
उसने मेरे नाम की तो पूरे शहर मे,
कहर हो गया अब तो दबे पाँव,
मिलने लगी तो सारा जमाना,
लहर हो गया पूरी दुनिया जली,
उसने उल्फत जो की तो मै उसके लिए,
हमसफ़र हो गया इतने जख्मों को देखा,
खुदा भी रोया तो राधा का गोबिंद, गिरिधर हो गया

-गोविंद जी राय

Pata n chala, Mai kaha kho gaya
Usake julfo ke niche,
Sahar ho gaya Ek mushkan jo,
Usane mere naam ki to pure shahar me
Kahar ho gaya ab to dabe pawn,
Milane lagi to saara jamana
Lahar ho gaya puri duniya jali,
Usane ulafat jo ki to mai usake liye,
Hamsafar ho gaya etane jakhmo ko dekha,
Khuda bhi roya to radha ka gobind, giridhar ho gaya

-Gobind Ji Rai

Hindi Love Poem For Her – तो क्या हो गया


हाँ मचला था कुछ पल को दिल फिर सो गया
आज उससे फिर मिल भी लिये तो क्या हो गया
मोहब्बत की राहों में हर किसी को भटकना है
सामना उनसे अगर हो भी गया तो क्या हो गया
माना की ज़ख्म अभी अभी तो भरा था मेरा
उसके मिलने से हरा हो भी गया तो क्या हो गया
सच है की उसे भुलाने को वो गलियां छोड़ आया
उसने भी इसी शहर घर बनाया तो क्या हो गया
बस अभी तो मुस्कुराना शुरू ही किया था
मेरे फिर इन आँखों में आंसू आया तो क्या हो गया
कुछ मुझे भी अब उजाले रास आने लगे थे ‘मौन’
फिर अंधेरो में बिठाया तो क्या हो गया

-अमित मिश्रा

Haan machala tha kuch pal ko dil fir so gya
Aaj usse fir mil bhi liye to kya ho gya
Mohabbat ki rahon mein har kisi ko bhtkana hai
Samana unse agar ho bhi gya to kya ho gya
Mana ki jkham abhi abhi to bhara tha mera
Uske milne se hara ho bhi gya to kya ho gya
Such hai ki use bhulane ko wo galiyaan chor aaya
Usne bhi esi Shahar me ghar bnaya to kya ho gya
Bs abhi to muskurana shuru hi kiya tha
Mere fir en aankhon me aansu aaya to kya ho gya
Kuch muje bhi ab ujale raas aane lage they ‘maun’
Fir andhere me bithaya to kya ho gya

-Amit Mishra

Miss You Love Poem-याद जब भी उसकी आती है


याद जब भी उसकी आती है रातों की नींद उड़ ही जाती हैं
मेरे दिल का हाल ना पूछो प्यारे आशिकी ऐसे ही होती है
तेरे खोने का गम है मुझको तेरी यादें बहुत सताती हैं
याद जब भी उसकी आती है तूने धोखा दिया
वह बेवफा तेरी यादें मुझे रुलाती हैं तेरे इश्क में पागल था
मैं तेरी यादें मुझे तड़पाती हैं याद जब भी उसकी याद आती है
तू तो कहती थी की उम्र भर में साथ हूं फिर यह कैसी जुदाई है
धोखा दिया तूने हमको क्या यही आशिकी कहलाती है
याद जब भी उसकी याद आती है रातों की नींद उड़ ही जाती ।

– चंद्रभान सिंह

Yaad jab bhi uski aati hai to raaton ki neend ud jati hai
Mere dil ka haal na phucho pyare aashiqi ese hi hoti hai
Tere khone ka gam hai mujhko teri yaad bhut satati hai
Yaad jab bhi uski aati hai tune dokha diya
Ve bewafa teri yaadein muje rulati hai tere ishq me pagal tha
Main teri yaadein muje tadpati hai yaad jab bhi uski yaad aati hai
Tu to kahti thi ki umar bhar main sath hoon fir ye kaisi judai hai
Dokha diya tune hamko kya yahi ashiqi kehlati hai
Yaad jab bh uski yaad aati hai raaton ki neend ud jati hai

Chanderbhan Singh

Emotional Love Poems – ये प्यार क्यों खास है


ये प्यार क्यों खास है
दो अजनबियों का एहसास है
ये कब कहा कैसे हो जाये न जाने ये केसा राज़ है
प्यार की खुशिया तो एक प्यार करने वाला ही
जाने मुझे जैसे आशिक़ को बर्बाद करने में भी प्यार का ही हाथ है
ये प्यार क्यों खास है में था सीधा साधा
भोला भाला प्यार ने मुझको बर्बाद कर डाला
प्यार चार अक्शर का है ज़िन्दगी भी तो चार की ही है
दो प्यार में गुजारी है रो रो कर दो खुशियों में बितानी है
ज़िन्दगी भी एक रोज़ नई कहानी है
कौन साथ देगा कौन छोड़ जायेगा
ये सब तो वक्त के हाथो की कहानी है..!!!!!

-रोहित

Yei pyar kyu khas hai
Do aajnabiyo ka ehsaas hai
Yei kab kaha kese ho jaye Na jane ye kesa raaj hai
Pyar ki khusiya to ek pyar krne wala he
jane Mujhe jese ashiq ko barbad Karne mein bhi pyar ka he hath hai
Yei pyar kyu khas hai Main tha sidha sadha
Bhola bhala Pyar nei mujhko bharbad kar dala
Pyar char akshar ka hai Zindagi bhi to char ki he hai
Do pyar me gujari hai ro ro kar Do khushiyo me bitani hai
Zindagi bhi ek roz nai kahani hai
Kon sath dega kaun chhod jayega
Yei sab to wakt ke hathon ki kahani hai

– Rohit

Hindi Love Poem For Her-हाल-ए दिल


प्यार तो बहुत पहले से था
तुझसे बस तुझे खोने का डर था
तेरी नाराज़गी से मुझे तेरे दूर जाने का डर था
सोचा तो बहुत था बता दूँ
तुझे हाले दिल अपना पर
तुझसे बिछड़ जाने का डर था
इज़हार तो किया तुझसे
अपनी मोहब्बत का तुझे खुशी देकर,
तेरे गमों को भुलाने का पर तुझे -मुझसे
यूँ छिन जाने का डर था

-नीरज सिंह

Pyar to bahut pehle se tha
Tujhse Bas khone ka dar tha
Teri naarazgi se mujhe Tere door jane ka dar tha
Socha to bahut tha Bata du
Tujhe haal-a-dil apna Par
Tujhse bichhad jane ka dar tha
Izhaar to kiya tujhse
Apni mohabbat ka Tujhe khushi dekar ,
Tere gamon ko bhulane ka Par tujhe-mujhse
Yun chhin jane ka dar tha….

-Neeraj Singh