Romantic Poem for Her-Jaane Bhi Do Yaaro

जाने भी दो यारों (कविता का शीर्षक)जाने भी दो यारोंजाने भी दो यारोंकब तक निगाहों में उनके बनते फिरोगे तुम गाफ़िलकल भी तेरे गुनाहों की चर्चा थी महफ़िल महफ़िलइस शोख मुहब्बत से तौबा क्यों न कर लो यारोंजाने भी दो यारोंअटकी पड़ी हैं सांसें बंद घड़ी की सूइयों सीमिलन की आशाएं दुबकी पड़ी छुइमुइ सीनयनों […]

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