Hindi Poem on Angry Love-रूठे से वो

वो रूठे हैं इस कदर मनायें कैसे। जज़्बात अपने दिल के दिखाएँ कैसे। नर्म एहसासों की सिहरन कह रही है पास आ जाओ। सिमट जाओ मुझमें और दिल में समां जाओ। देखो लौट आओ ना रूठो हमसे। बस रह गया है तुम्हारा इंतज़ार कब से। इतनी भी क्या तकरार हमसे । तेरे इंतज़ार में हो […]

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Hindi Love Poem for Him, Her-दिल की चाहत

दिल की चाहत कल भी तुम थे आज भी तुम हो मेरी ज़रूरत कल भी तुम थे आज भी तुम हो तुमने तो मुझे कबका भुला दिया मेरी आदत कल भी तुम थे आज भी तुम हो तुमने न जाना कितना तुमको प्यार किया मेरी इबादत कल भी तुम थे आज भी तुम हो बेखबर […]

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