Hindi Love Poem For Her -ऐ दिल

heart-wallpaper-1366x768

ऐ दिल ! तू फिर मुस्कुराया है
है कुछ अपनी बात, या फिरउनकी बात कहने आया है
बता दिल तू फिर क्यों मुस्कुराया है ?
सियासी दौर मैं अब तो कुछ नजरों ने भी डराया है
है कोई प्रेम आमंत्रण या फिर किसी ने प्रेम जाल बिछाया है
बता मेरे दिल! तू क्यों मुस्कुराया है
आज फिर महफ़िल में लोगो ने चर्चा बनाया है
शायद किसी बेवफा ने उन्हें खूब हंसाया है
पर तुझे क्या मिला दिल जो तू इतना मुस्कुराया है
सच बता मेरे दिल! तू क्यों मुस्कुराया है
ये किसी के आने कि आहट है ,या किसी को पाने कि चाहत है
सवाल सैकड़ों हैं जिंदगी के जिसने तुझे इतना सताया है
बता मेरे दिल फिर भी तू क्यूँ मुस्कुराया है
तू है ही जिद्दी ,जिसने तुझे इतना रुलाया है फिर भी तू उसी से
मिलने आया है तुझे देखकर तो शहर भी हैरान है,शायद
किसी ने ये सवाल उठाया है जिस शख्स ने इतना जख्म दिया ,
तू फिर क्यों उसी के जख्मों को धोने आया है,
वाह मेरे दिल ! ,अब मालूम है मुझे तू क्यों मुस्कुराया है
शायद फिर से तुझे कोई अपना बनाने आया है
संभल जा मेरे दिल !शायद तू अंतिम बार मुस्कुराया है

-प्रतिभा त्रिपाठी

Ae dil tu fir muskuraya
Hai kuch apni bat ya fir unki bat khne aaya hai
Bta dil tu fir kyon muskuraya hai?
Siyasi daur mein ab to kuch nazro ne bhi daray hai
Hai koi prem aamntran ya fir kisi ne prem jaal bichaya hai
Bta dil tu fir kyon muskuraya hai?
Aaj fir mehfil me logo ne chrcha bnaya hai
Sayd kisi bevfa ne unhe khub hasya hai
Par tuje kya mila dil jo tu etna muskuraya hai
Such bta dil tu fir kyon muskuraya hai?
Ye kisi k aane ki aahat hai
Swal sakdo hai zindgi k jisne tuje etna staya hai
Bta mere dil fir kyu tu uskuraya hai
Tu hai hi ziddi jisne tuje etna rulaya hai
Fir bhi tu usi se milne aaya hai
Tuje dekh kar ye shar bhi hrain hai sayd
Kisi ne ye swal uthay hai
Jis shksh ne etna jhkam diya tu
Fir kyon usi k jkhmo ko dhone aaya hai
Wah mere dil ab malum hai muje tu kyon muskuraya hai
Sayd fir se tuje koi apna bnane aaya hai
Smbhal ja mere dil sayd tu antim bar muskuray hai

-Pratibha Tripathi

Hindi Poem for Her – इंतज़ार

young-people-412041_960_720

तेरी यादों का मारा हूँ
कभी पागल कभी आवारा हूँ
कभी तेरे हूँ कभी खयालो में ही तुझ संग जी हूँ
कभी नींद में ही बेचैन हो जाता हूँ
तुझे सोचते रहना , तुझे चाहते रहना
बस एक यही काम मुझे रहना
तू मेरी क़िस्मत में है नहीं जाना
पर दिल ने ये आज तक माना
मैं तेरा इंतज़ार करूँगा
इस जन्म में क्या हर जन्म में
तुझपे यी जान निसार करूँगा

-इशान चौधरी

Teri yadion ka mara hu
Kbhi pagal kbhi awara hu
Kbhi tere khyalo mein kho jata hu
Kbhi khyalo mein hi tujh sang ji leta hu
Kbhi nind mein hi bechain ho jata hu
Tujhe sochte rhna,tujhe chahte rhna
Bas ek yhi kaam ab mujhe h krte rhna
Tu meri kismat mein hai hi ni jana
Par dil ne ye aaj tak na mana
Main tera intezar krunga
Is janm main kya har janam
Main tujhpe ye jaan nisar krunga

-Ishan choudhary

Miss You Love Poem – तेरी यादें

one_heart-wallpaper-1366x768

सजना तेरी यादें आज भी साथ हैं मेरे…
बस दुख इस बात का है की खाली हाथ हैं मेरे…
बहुत हुए दिन हमें बिछड़े हुए…
अब तो वापिस आजा ऐ साजन मेरे…
रो रो कर अब तो आँखों का पानी भी सूख गया हैं…
लगता है अब तो मेरा मौला भी मुझसे रूठ गया हैं…
याद तेरी में तड़प तड़प अब बीतें रातें…
आजा “सपना” सपने में ही कर ले मुलाकातें…
बहुत हुई दूरी अब तो मिल जा आ कर…
आँखें भी अब नम नहीं होती सूख गयीं हैं वो भी आंसू बहा बहा कर…
दर्द जुदाई का अब मुझसे सहा ना जाए…
तू भी आजा अब तो पंछी भी घर को लौट हैं आए…
यादें तेरी आज भी हैं मेरे सीने में…
पर मज़ा नहीं है कुछ भी बिना तेरे जीने में…

-अनूप भंडारी

Sajna teri yaadein aaj bhi sath hai mere
Bas dukh es bat ka hai ki khali hath hai mere
Bhut hue din hame bichde hue
Ab to bapas aaja a sajan mere
Ro ro kar ab to aankhon ka pani bhi sukh gya
Lgta hai ab to mera maulla bhi mujse ruth gya
Yaad teri me tadap tadap bite ratein
Aja “sapna” sapne me hi kr le mulakatein
Bhut hue duri ab to mil ja aa kar
Aankhein bhi ab nam ni hoti sukh gai hai wo aasu bha bha kar
Dard judai ka abmujse sha na jaye
Tu bhi aaja ab to panchi bhi ghr laut hai aaye
Yaade teri aaj bhi hai mere sine mein
Par mza nai hai kuch bhi bin tere jine mein

-Anoop Bhandari

Hindi Love Poem For Him – तुम्हारी सूरत

girl1d

तुम्हारी सूरत मेरे दिल
की तस्वीर बन गई
तुम्हारी हर याद मेरी
जिन्दगी की जागीर बन गई
तुम्हारी बाते सुन में
कन्हा की मीर बन गई
तुम्हारे खयलों में डूब में सरिता
से झील बन गई
तेरे प्रेम का हुआ ऐसा असर मुझ पर
कि तुझ संग प्रीत
निभानी मेरी तक्दीर बन गई

-उर्मिला
Tumhari surat mere dil
Ki tasvir ban gai
Tumhari har yaad meri
Zindgi ki jagir ban gai
Tumhari batein sun mein
Kanha ki meer ban gai
Tumhare khayalon me dub me sarita
Se jhil ban gai
Tere prem ka hua asar mujh per
Ki tujh sang preet
Nibhana meri takdeer ban gai

-Urmila

Hindi Love Poem – जब प्यार किसी से होता है

love_relationship-wallpaper-1366x768

जब प्यार किसी से होता है
हर दर्द दवा बन जाता है
क्या चीज मुहब्बत होती है
एक शख्स खुदा बन जाता है
ये लब चाहे खामोश रहें
आँखों से पता चल जाता है
कोई लाख छुपा ले इश्क मगर
दुनिया को पता चल जाता है
जब इश्क का जादू चलता है
सेहरा में फूल खिल जाता है
जब कोई दिवाना मचलता है
तब ताजमहल बन जाता हैं.

-ओबैद आलम 

Jab pyar kisi se hota hai
Har dard dwa ban jati hai
Kya chij mahobbat hoti hai
Ek shkash khuda ban jata hai
Ye lav chahe khamosh rhe
Aankhon se pta chl jata hai
Koi lakh chupa le ishq magar
Duniya ko pta chal jata hai
Jab ishq ka jadu chalta hai
Sehre mein phool khil jata hai
Jab koi diwana machlta hai
Tab tajmahal ban jata hai

-Obaid Alam

Hindi Love Poem- हुआ साथ जो तेरा मेरा

LOV

हुआ साथ जो तेरा मेरा
दुनिया में मचा खलबली का अँधेरा
साथ न छोडूंगा मैं तेरा कभी
क्योंकि तू ही तो एक अतीत मेरा
सोये ख्बाबों को तुमने जगा दिया है जो
पत्थर का था कभी, पिघला दिया है जो
सीने में फिर से दिल धड़का दिया है तुमने मेरा
हुआ साथ जो तेरा मेरा
दुनिया में मचा खलबली का अँधेरा
ख्वाइशे सिर्फ तुम हो मेरी
ज़िन्दगी तुम ही तो हो मेरी
ख़ुशी तुम हो मेरी
उदासी तुमसे ही दूर हो मेरी
हर दिन हर दिन हर पल हर लम्हा सिर्फ तुम ही हो मेरा
हुआ साथ जो तेरा मेरा
दुनिया में मचा खलबली का अँधेरा

-नवाज अंसारी 

 

Hua sath jo tera mera…
Duniya me macha khalbali ka andhera.. .
Sath na chhodunga me tera kabhi..
Kyuki tu hi to ek ateet hai mera…
Soye hue khabon ko tumne jaga diya hai jo..
Patthar ka tha kabhi, pighla diya hai jo..
Seene me fir se dil dhadka diya hai tumne mera..
Hua sath jo tera mera…
Duniya me macha khalbali ka andhera…
Khawaishein sirf tum ho meri..
Zindagi tum hi to ho meri..
Khushi tum ho meri..
Udaasi tumse hi door ho meri…
Har din har pal har lamha sirf tum hi ho mera…
Hua sath jo tera mera…
Duniya me macha khalbali ka andhera…

-Navaj Ansari

Hindi Love Poem – ख्याल तू

 11

ख्याल तू
गुजरता हर साल तू
वो 2,4 दिन की मुलाकात तू
मेरी क़िताबो में फसी हर बात तू
होने वाली दिल में हर आहट तू
ज़िन्दगी का हर एहसास तू
कुछ गन्दा बच्चा सा कुछ पगलू सा कुछ खास तू
तेरी मैं मेरी पहचान तू
दिल में बसा हर अरमान तू
मेरे आने की हर सूरत तू की इकलौती मूरत तू
कभी धुप कभी छाव तू कभी रात तू
जो ना कभी कही होठों से वो बात तू
मेरा गरूर तू मेरी औक़ात तू
खुदा की रहमत से मिली ऐसी सौगात तू

Khayal tu
Gujrta har sal tu
Wo 2,4 dino ki mulakaat tu
Meri kavitaon me fasi har bat tu
Hone wali dil me har aahat tu
Zindgi ka har ehsas tu kuch ganda bcha sa
Kuch paglu sa kuch khas tu
Teri main aur meri phchaan tu
Dil me bsa har armaan tu
Mere aane ki har surat tu
Dil k mandir ki eklauti murat tu
Kabhi dhoop kabhi chaaw tu kabhi raat tu
Jo na kabhi khi hothon se wo bat hai tu
Mera garoor tu meri aukaat tu
Khuda ki rehmat se mili esi sogaat tu

Hindi Love Poem – जब तुम लौट कर आओ

romance-wallpaper-1366x768

हौसला टूट चुका है, अब उम्मीद कहीं जख्मी बेजान मिले शायद,
जब तुम लौट कर आओ तो सब वीरान मिले शायद

वो बरगद का पेड़ जहां दोनों छुपकर मिला करते थे,
वो बाग जहां सब फूल तेरी हंसी से खिला करते थे,
वो खिड़की जहां से छुपकर तुम मुझे अक्सर देखा करती थी,
वो गलियां जो हम दोनों की ऐसी शोख दिली पर मरती थीं,
वो बरगद,वो गलियां, वो बाग बियाबान मिले शायद,
के जब तुम लौट कर आओ

खेत-खलिहान तक तुमको बंजर मिले,
मेरी दुनिया का बर्बाद मंजर मिले,
ख्वाबों के लहू और लाशें मिलें,
और तुम्हारी जफाओं का खंजर मिले,
तबाहियों का ऐसा पुख्ता निशान मिले शायद,
के जब तुम लौट कर आओ

यहां जो हंसता मुस्कुराता मेरा आशियाना था,
जिसके हर ज़र्रे में बस तुम्हारा ठिकाना था,
ये शहर जो मेरे साथ मुस्कुराया करता था,
मेरे साथ तुम्हारे बाजुओं में बिखर जाया करता था,
वहां उजड़ा हुआ शहर, खंडहर सा इक मकान मिले शायद,
के जब तुम लौट कर आओ

तुम आओ तो शायद ना मिलें ये बाग बहारें,
ये शहर मिले ना मिलें मेरे घर की दीवारें,
तुम बहार थी मैं फूल था मैं अब नहीं खिलूं,
के जब तुम लौट कर आओ तो शायद मैं नहीं मिलूं,
मगर कंधे पर अपनी लाश ढोता एक इंसान मिले शायद,
के जब तुम लौट कर आओ

– आनंद सागर पांडेय

Hosla tut chuka hai,ab umid khi jkhmi bejaan mile sayd
Jab tum laut kr aao to to viran mile sayd
Wo bargad ka peid jhan jhan dono chup kr mila krte they
Wo bhag jhan sab fhul teri hansi se khila krte thay
Wo khdki jha se chupkar tum muje aksr dekha krti thi
Wo galiya jo hum dono ki esi shk dili par marti thi
Wo bargad , wo galiyan wo bag biyabaan mile sayd,
Ke jab tum laut kr aao

Khet khliyaan tak tumko bnjar mile
Meri duniya ka barbad banjar mile
Khababon k lahu aur lashe mile
aur tumhari jafao ka khjar mile
Tabahiyon ka esa pukhta nishaan mile sayd
Ke jab tum laut kr aao

Yha jo hasta muskurata mera mera aashiyana tha
Jiske har zre mein bs tumhara thikana tha
Ye shr jo mere sath muskuraya karta tha
Wha ujda hua sher, khandr sa ek makan mile sayd
Ke jab tum laut kar aao

Tum aao to sayd mile ye baag bhare
Ye shar mile na mile mere ghr ki diware
Tum bahr thi me fhul tha mein ab nai khiloon
Ke jab tum laut kr aao to sayd main nai milu
Magar kande par kande par apni lash dhota ek insaan mile sayd
Ke jab tu laut kr aao

-Er Anand Sagar Pandey

Hindi Love Poem for Marriage – मैरिज ब्यूरो

balloon-1046658_960_720

मैरिज ब्यूरो के फेर में, ज़िंदगी के दौर में
न जाने कहाँ आ गए। लगे रहे दूसरों की शादी कराने में,
खुद की शादी में देर हो गए
सोचा कैसा बनाऊँ में अपनी शादी का इश्तेहार
दूसरों की शादी का इश्तेहार बनाने वाले
खुद की शादी का इश्तेहार बनाने में फ़ेल हो गए।
दूसरों के लिए तो लिखता हूँ सुन्दर सुशील बधु चाहिए
खुद के लिए ही न जान पाया कैसा हमसफर चाहिए
मैरिज ब्यूरो में बीती शामें मैरिज ना करा पायीं
मिलाते मिलाते दूसरों के दिल,मेरा दिल ही न मिला पायीं
आज जब देखा चेहरा आईने में खुद का एक नया अक्स ही नजर आया।
खुद के ही अक्स ने हस् के कहा बेटा मैरिज ब्यूरो के फेर में
ज़िन्दगी के दौर में न जाने कहाँ आ गए।
लगे रहे दूसरों की शादी कराने में
खुद की शादी ही में देर हो गए।

गौरव

Marriage Bureau ke feir mein zindgi k dore mein
Na jane kha aa gye lge rhe dusron ki shadi krwane mein
Khud ki shadi me deir ho gye
Socha kesa bnaun mein apni shadi ka eshtehar
Dusro ki shadi ka esthaar bnane wale
Khud ki shadi ka eshtehar bnane me fail ho gye
Dusro k liye to likhta hu sundr sushil bdhu chahiye
Khud k liye hi na jan paya kesa hmsfer chahiye
Marriage bureau mein biti shamein marriage na krw pai
Khud ke hi aksh ne has k kha beta marriage bureau k feir me
Zindgi ke dore mein na jane kha aa gye
Lage rhe dusro ki shadi krwane
Khud ki shadi me deir ho gye

Gaurav