Hindi Poem on Holi- इश्क़ के रंग


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तेरे इश्क़ के रंगो से सजी हुई है ये होली

ये रंग गुलाबी कहता है खिली खिली है ये होली

एक रंग जिस्म को छूता है एक रंग रूह को छूता है

हर रंग रंग में खिली हुई है घुली हुई है ये होली

कुछ रंग इश्क़ के चढ़ जाते कुछ रंग दीवाने मिल जाते

इन दिल छूते लम्हों से ही तो सजी हुई है ये होली

फाल्गुन के इस मौसम में सजे सजे से लम्हों में

लाल गुलाबी नीले पीले हरे रंग में सजी धजी है ये होली।

-गौरव

Hindi poem on Holi Festival – इश्क़ रंग चढ़ा


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रंगो का कोई रंग चढ़ा
इश्क़ रंग मुझे आज चढ़ा
धूप हुई गुलाबी सी
फाल्गुनी छठा में मैं घुला
रंगो का कोई रंग चढ़ा
होली के सब रंग मिले
तुझमें ही तो तो सब घुले
इश्क़ में सजा गुलाबी था
मोहबत सा रंग लाल लगा
पीला तो मुस्कान बना
हरे में तू खूब सजा
रंगो का कोई रंग चढ़ा
अभीर गुलाल से तू सज के आई
रंग कई खुशियों के लायी
खेल मेरे संग प्यार की होली
बिखरा इश्क़ का हर रंग लगा
रंगो का कोई रंग चढ़ा।संग तेरे मैं संग रंगा
खिला खिला हर रंग खिला
सारे रंग फिर छूट गए
पर इश्क़ रंग जो न मिट पाये ऐसा कोई मुझे रंग लगा
रंगो का कोई रंग चढ़ा।

~ गौरव

Hindi Shayari- पल पल देखा


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पल पल दिल को मचलते देखा
पल पल उसे जगह बदलते देखा
पल पल प्यार को बढ़ते देखा
पल पल इज़हार को करके देखा
पल पल खुमार बढ़ते देखा
पल पल शोला भड़के देखा
पल पल तेरी याद में खो कर देखा
पल पल फरियाद में हो कर देखा
पल पल देखा जब तुझको देखा
पल पल देखा बस तुझको देखा
पल पल देखा पर तुझसा न देखा
पल पल देखा पर तुझसा न देखा

  • अनुष्का सूरी

Pal pal dil ko machalte dekha

Pal pal use jagah badalte dekha

Pal pal pyar ko badhte dekha

Pal pal intzar ko karke dekha

Pal pal khumar badhte dekha

Pal pal shola bhadke dekha

Pal pal teri yad mein kho kar dekha

Pal pal fariyad mein ho kar dekha

Pal pal dekha jab tujhko dekha

Pal pal dekha bas tujhko dekha

Pal pal dekha par tujhsa na dekha

Pal pal dekha par tujhsa na dekha

-Anushka Suri

Sad Love Shayari- आंसुओ ने रुलाया


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आज उनके आंसुओ ने हमें बहुत रुलाया
उनकी आँखों के हर कतरे ने आँखों को भिगाया
वो सिमट के रोने लगे अपने पहलु में
पर मेरी आँखों से बादल बरस के आया
मैं समेटना चाहता हूँ उनको अपनी बाहो में
कहना चाहता हूँ तेरा हर आंसूं अब मेरा है
इतना गहरा जज़्बात मुझमेँ निखर के आया
आज उनके आंसुओं ने मुझे बहुत रुलाया
जब बो समझे मेरे जज़्बात होने लगी बस आँखों से बात
आंसुओ का बवंडर हम दोनों की आँखों में था
गहरा जज़्बात प्यार का खारे पानी में था
सिर्फ सिमटे नहीँ थे दो जिस्म बाँहों में
रूहो तक नर्म आंसुओं का पानी था
सावन जो बरसा था आँखों से
आज वो खुशिओं का बादल था
खारे पानी की बूँद नहीँ
दिलों पे आज हम दोनों के प्यार का आँचल था
-गौरव

Miss Him Love Poetry-दिल की आवाज़


खो दिया उसे एक दिन
तो ये आँखे ही क्या,
दिल बहुत रोएगा….
इतना चाहा है दिल ने उसे,
किसी और का ना हो पाएगा….
क्या पता था इतना प्यार हो जाएगा,
मेरा कल तुमसे जुड़ जाएगा….
इतना करीब से गुज़रे हो दिल के,
कि निशान अभी भी बाकी है….
पहले तो खींच लिया मुझे,
ग़मों की गहराई से….
और अब कह दिया उसने,
खुशी नहीं है उसके पास….
आदत भी तो ऐसी हो गई है,
कि छोड़ नहीं पाऊँगी….
उसे क्या इलज़ाम देना,
करीब तो मैं आई थी….
वो तो कब से दूर था,
दिल पर तो मैंने लिया….
उसने तो बस मज़ाक समझा,
तो तकलीफ उसे क्यों हो….
पर फिर भी एक उम्मीद है उससे,
जब आएगा वो कल,
जिंदगी का सबसे मुश्किल भरा पल,
ना पास तेरे आ सकूँगी,
ना दूर तुझसे जा सकूँगी,
तो बस एक बार दुनिया को भूल कर,
एक आवाज़ दिल से देना,
और रोक लेना मुझे,
कदम क्या साँसे थम जाएँगी,
बस एक दिल की आवाज़…….
मेरे लिए………….

-लता कुशवाह