Hindi Love Shayari for Her – जब तू काजल लगा के आये


blue_eyes___blue_eyes___-wallpaper-1366x768

चांदनी रात भी जल जाये जब तू काजल लगा के आये

ये दिल भी मेरा हलचल मचाये जब तू काजल लगा के आये

होंठों पे हँसी बार बार आये जब तू काजल लगा के आये

परवाना शमा को भूल जाये जब तू काजल लगा के आये

मेरा दिल भी गीत कोई गाये जब तू काजल लगा के आये

नजरें कटीली खंजर चलाये जब तू काजल लगा के आये

दिल पे मेरे घाव बनाये जब तू काजल लगा के आये

आँखों ने ये क्या कर डाला कैसे तुमको हम बताय जब तू काजल लगा के आये

जादू नजरें रहीँ चलाये जब तू काजल लगा के आये

प्यार की इंतहा शोर मचाये जब तू काजल लगा के आये

दिल पल पल कहता मुझसे आँखे तुमको देखी जाएं जब तू काजल लगा के आये

बस बहुत कह दिया अब नही कहना ओ मृगनयनी सी आँखों वाली

मेरी आँखों में बस जाये जब तू काजल लगा के आये।

-गौरव

Download Hindi Love Poems Android App


  HindiLovePoems App- screenshot

अब आप हिंदी प्रेम कवितायेँ अपने मोबाइल पर पढ़ सकते हैं ! हमारी एंड्राइड ऐप डाउनलोड करें – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.HindiLovePoems

Now you can enjoy uninterrupted Hindi love poetry on your android mobile phone!

Download our app today!

Hindi Love Poem on Separation- मैं और मेरी तन्हाई


she_had_to_hide_her_love_away-wallpaper-1366x768

मैं और मेरी तन्हाई बैठे थे आज…
और हो रही थी मेरे प्यार की बात…
तन्हाई ने कहा कैसा प्यार है तेरा…
जो आज तक है उसने मुंह फेरा…
मैं था चुप और इस से तन्हाई थी हैरान…
मैं था शांत और इस से तन्हाई थी परेशान…
तन्हाई ने कहा क्या मिला तुझे प्यार में…
इस से अच्छा बैठा होता कही ऐशो बहारो में…
तन्हाई बोली क्या है अब पास में तेरे…
छा गए हैं बादल और गमों के अँधेरे…
मैं था चुप और इस से तन्हाई थी हैरान…
मैं था शांत और इस से तन्हाई थी परेशान…
तन्हाई ने कहा की प्यार में बहुत फरेब है धोखा है…
जा कुछ और कर प्यार के अलावा तुझे क्या किसी ने रोका है…
तन्हाई ने कहा क्या है ये प्यार का अजूबा…
जा, यार के वापिस आने की उम्मीद में मत रह डूबा…
मैं था चुप और इस से तन्हाई थी हैरान…
मैं था शांत और इस से तन्हाई थी परेशान…
तन्हाई ने कहा तेरा बिछड़ा यार नहीं आएगा…
मुझे लगता है तू कभी अपना प्यार नहीं पायेगा…
तन्हाई बोली अरे मूर्ख कुछ तो बोल…
मई इतनी देर से बक बक कर रही हूँ तू भी तो अपना मुंह खोल…
मैंने कहा बता कहाँ लिखा है की वो नहीं आएगी…
और अपने साथ प्यार की सौगात नहीं लाएगी…
कौन सी ऐसी दिवार है हमारे बीच जो खड़ी हो सकें…
ऐसी कोई दिवार नहीं बनी जिसकी नीव डलते ही हम उसे तोड़ न सकें…
कौन कहता है की उसका प्यार हो गया है पूरा…
क्यूंकि “प्यार” तो खुद शब्द ही ऐसा है जिसका पहला अक्षर है अधूरा…
कौन कहता है की प्यार सिर्फ दो जिस्मो का मिलान है…
माना वो मुझसे दूर है पर फिर भी मैं उसका और वो मेरी हमदम है…
अब बोल रहा था मई और चुप थी तन्हाई….
तभी सामने आई मेरी जान और भाग गयी तन्हाई…

-अनूप भंडारी

Hindi Love Poem in Punjabi- दीदार


love_relationship-wallpaper-1366x768

तेरे दीदार नु तरसन मांही वे अखां मेरी…
तेरी याद विच न कटदियां एह रातां मेरी…
वे कमलिये कुछ तां खबर मेरी तू लै लै आ के…
देख राँझा तेरा हुन किवें तरसे ते अखियाँ चौ मींह बरसावे…
उस्दी याद विच मैं आज वी मुड़ मुड़ पीछे वेखां…
पर लभदा नहीं मैनु हुन ग्वाच्या यार वे रब्बा…
हुन तां रब्बा मैनु मेरी हीर मिला दे…
थक गईयाँ ने अखियाँ वी हुन अथ्रूआ दा मींह वरसा के…
हुन मुक चल्या वे अखां दा पानी वी सजना…
लभदा नी मैनु हुन कोई राह वी सजना…
बस इक वार आ के मेरा हाल तू पुछला…
देख मेरियां अखां नू तू भूल जावेंगी मुड़ना…
तू होनी हस्दी बैठ हुन पेकयां कोले…
ते इथे मैं हुन चंद्रा तेरी उडीक च तरसां…
हुन आ जा मांही दीद तेरी ने बहुत सताया…
थक गया हुन मैं रब तोँ वी मंग मंग दुआवां…
आजा कोल मेरे ते नाल मेरे तू लै लै लांवा…
या फेर कह दे भुल जा मैनू रान्झेया हुन मैं मुड़ नहीं आणा…

-अनूप भंडारी