Miss You Hindi Love Poem-रात का समां है


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रात का समां है
जान तू कहाँ है
तेरे लिये दिल मेरा
धड़का है जा रहा..
चाँद तारे देखो आसमान में
कितने चमकते हैं प्यारे प्यारे
यहाँ ज़मीन पर एक हम है
तड़पते हैं याद में तेरे
रात का समां है
जान तू कहाँ है
तेरे लिये दिल मेरा
धड़का है जा रहा..
दिल ने सोचा तुझको चाहें
तुझको पूजें तुझको पायें
आजा, तू कहाँ है?
ज़ालिम ये जहां है..
रात का समां है
जान तू कहाँ है
तेरे लिये दिल मेरा
धड़का है जा रहा..
-अनुष्का सूरी

Hindi Love Poem for Him and Her-तुमसे ही प्यार है


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पास आये तो जीने की वजह बन गये,
धीरे से मुस्कुराये यूँ की दिल की सदा बन गये,
धडकनों पे ना ज़ोर रहा,
ये दिल तुम्हारा हो गया,
खुद बा खुद ना जाने कब प्यार तुमसे हो गया,
अब बिन देखे तुम्हें ना चैन है,
ये रातें भी बेचैन है,
कब आँख खुले ये दिन होगा,
दीदार तुम्हारा कब होगा,
इस दीदार ने इतना तड़पाया,
धड़कन को मेरी थमाया,
अब दिल को करार तब आयेगा,
जब इज़हार-ए-इश्क़ तुमसे हो जायेगा,
सुबह की पहली किरण खिली,
मुझको ना मंज़िल मिली,
यूँ देखता रहा हर पल घड़ियों को
कि तुम अचानक आ गये,
अब हाल मेरा बेहाल है,
कैसे कहूँ तुमसे प्यार है,
फिर देख मुझे तुम मुस्काये
कि जोश का संचार हुआ,
लेके हाथ में हाथ तेरा
दिल की बात को कह गया,
कि पास जब से आये हो
जीने की वजह बन गये हो,
धडकनों पे ना अब इख़्तियार है,
अब नहीं डरता ये कहने से कि
बस तुमसे ही प्यार है,
बस तुमसे ही प्यार है
-गौरव

Hindi Love Poem on Innocent Girl-भोली लड़की 


भोली लड़की 
सीधा सादा भोला भाला,
मैं हूँ करियर पॉइंट का.
अरमान सजाये हैं मन में,
पूरा करने को यहाँ खड़ा!!
पर वो मेरे अरमानों को,
एक पल में डगमगा देती है.
मेरा जोश जुनून सब पढ़ने का,
वो एक चुटकी में हरा लेती है!!
मैं सोचा करता था अकसर,
वो शमां तो मैं हूँ परवाना.
मैं ही हूँ उसका दीवाना,
पर कुछ दिन पहले पता चला,
वो हर दिल की है दिलजाना
हर कोई उसका दीवाना!!
यारों सुन लो उसके कारण,
मेरे कई टॉपिक बर्बाद हुए.
लिमिट कंटिन्यूयिटी डूब गयी,
रिडॉक्स के पत्ते साफ हुये!!
सिक्वेन्स सीरीस सब हवा हुई,
जी ओ सी मुझसे खफ़ा हुई.
के टी जी मुझको सता रही,
रोलिंग क्या है कुछ पता नहीं!!
यारों टेन्षन मेरी तब बढ़ जाती है,
क्लास में जब वो आती है!! 
अब तुम सोच रहे होगे यारों,
कौन है इतनी प्यारी
लगती है इतनी न्यारी.
चंगुल में जिसके लोकेंद्र जाट है फंसा,
किस दलदल में लोकेंद्र जाट है धंसा.
तो सुन लो मेरे यारों
तुमको भी तड़पाती होगी,
दुनिया कहती है नींद जिसे
तुमको भी ना आती होगी!!
-लोकेन्द्र सिंग

Love Poem for Him-तेरी यादों में जीने लगी हूँ


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तेरी यादों में जीने लगी हूँ

तेरे गीतों को सुनने लगी हूँ

इस मीठी सी ठंड में आँखें नॅम होने लगी हैं

तेरी याद में नींदें खोने लगी लगी है

जब देखा दूर चमकते तारे को

उसकी चमक देख तेरी याद आई

जब देखा उपर खुले आसमान को

तेरी बाहों की याद आई.

जब बैठी नदी किनारे

बहते पानी में तू ही नज़र आया

फिर अपने आप से पूछ बैठी

क्या तुमने अपना प्यार पाया?

इस प्यार भरे लम्हे में खो गयी

ना जाने कब तेरे इतनी करीब हो गयी

तेरी ही बातें करने लगी हूँ

तुझे अपने गीतों में गुनगुनाने लगी हूँ

तेरी यादों में जीने लगी हूँ

-कविता परमार