Hindi Love Shayari for Girlfriend-जान 


LOV

हँसीनों में हँसीन सब से हँसी हो
ओ मेरी जान तुम मेरे दिल में बसी हो
खोलूँ जब आँखें तुम्हें देखना चाहूँ
जो बंद करूँ आँखें तुम्हें मन में देखूँ
वो मासूम चहरा वो प्यारी बातें
वो मीठी आवाज़ वो हँसी मुलाकातें
वो तुम्हारा पल पल मुझे याद करना
वो मेरा तुम्हें सोच ठंडी आहें भरना
तुम्हें चाहता हूँ
तुम्हें सोचता हूँ
तुम्हें पूजता हूँ
तुम्हें मांगता हूँ
तुम ही तो हो मेरे सपनों की रानी
तुम्हारे बिना फीकी है मेरी ज़िंदगानी
आओ मिलो अब ना करो अब देरी
तुम मेरी थी कल भी और आज भी हो मेरी
-अनुष्का सूरी

Hindi Love Poetry on Dream Girl-कविता से मुलाकात हो गयी


sadas
कविता से मुलाकात हो गयी
तन्हा मेरी ज़िंदगी में ख्वाबों की बरसात हो गयी,
एक दिन था अकेला, कविता से मुलाकात हो गयी,
कुछ वो मुझसे कहने लगी कुछ मैं उसे कहने लगा,
एक अनजाने अपने पहलू से मीठी कुछ बात हो गयी,
वो मेरे शब्दों में घुल गयी कविता बन के ज़िंदगी की कहानी कह गयी
तन्हाई के आलम से बाहर आने लगा अकेलेपन में मेरी हमसफर वो हो गयी,
कल्पना करता हूँ जब भी उसकी खूबसूरती की उसकी गहराई में डूब जाता हूँ,
ज़िंदगी के मेरे हर पल को एक पल में वो जीवन कर गयी,
शब्दों का ना वो जाल है ना कोई मायाजाल,
वो तो बस मेरे दिल का हाल है इतनी बात वो कह गयी,
हर खुशी हर गम को मेरे साथ वो सहती है
कुछ ना कहती है मुझसे हर पल हंसाती रहती है
रूप अनेक बनाती है कभी ग़ज़ल है, 
कभी है कविता, कभी शायरी वो कहलाती,
बस ओढ़ चुनरिया खुशियों की 
वो मेरे दिल को छू के जाती,
रात की गहराई हो या दिन का पहर 
साथ मेरे वो रहती है,
कभी रूठती है मुझसे कभी खेलती है 
मेरे संग मेरी कल्पना में जीती है,
अब ना जीना उसके बिन, 
मेरी सांसों में मेरी रूह में धड़कन बन के वो बस गयी,
तन्हा मेरी ज़िंदगी में ख्वाबों की रात हो गयी,
एक दिन था अकेला कविता से मुलाकात हो गयी
-गौरव

Hindi Love Shayari for Her-हज़ारो ग़ज़ल लिख गया


girl_and_flowers_2-wallpaper-1366x768
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उन्हें खूबसूरती का बेपनाह ताज कह गया,
संगमरमर से खूबसूरत है हुस्न जिनका,
उनके हुस्न को अजंता की मूरत लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उनके जिस्म की खुश्बू मेरी रूह में बस गयी,
उनकी प्यारी छवि मेरे दिल में उतर गयी,
पायल छनकती आई वो इस दिल में,
उनकी पायल की चमचम को
सुरों से सजा कोई गीत लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
वो आके रात में बाहों में बस गये,
वो होंठों से होंठों को मेरे चू गये,
वो जिस्म में उतरेय इस कदर की मेरी सांस बन गये,
उनकी सांसो के जीने को जीने का अंदाज़ लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उनकी आंखो से मिलना हुआ इस कदर की उनमें डूब गया,
देखता रहा बस उनकी आँखों को आँखों में खो गया,
चूमा जब उनकी आँखों को,
खूबसूरत पलकों पे सजा कोई ख्वाब लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया
-गौरव

Intimate Hindi Love Poem for Her-एक जिस्म दो जान


couple-168191_960_720

एक जिस्म दो जान
वो मुझमें इस कदर ज़िंदा है
कि अब मरने का भी डर नहीं है मुझको,
कि इस एक जिस्म में दो जान कैसे रहेंगे,
अब तो चाहत है मर जाने दो मुझको.

दिल में बसाकर रखा है उसे,
डरता हूँ कि मेरी कोई टीस ना चुभे उसको,
इस एक जिस्म में दो जान कैसे रहेंगी,
अब तो चाहत है मरजाने दो मुझको

मैने अपनी हर चाहत में उसे ज़िंदा रखा है,
मेरे छू लेने से कहीं वो मैला ना हो जाये,
अब तो इस जिस्म को छूने में भी डर लगता है,
इस एक जिस्म में दो जान कैसे रहेंगी,
अब तो चाहत है मरजाने दो मुझको

-योगेश कुमार यदुवंशी

Hindi Love Poem Shayari for Her-कविता सा कोई अपना


heart-462873_960_720
अंजानी सी है वो,
कोई हकीकत या कोई सपना,
है प्यारी सी ग़ज़ल वो,
या कविता सा कोई अपना,
गीत है दिलों का,
या चांदनी से सजी कोई रात,
वो मुस्कुराहट है चहरे की
या भीगी हुई बारिश का साथ,
प्यार से सजा कोई गीत है
या दो दिलों के मिलने का अंदाज़,
रंग है वो खुशियों का
या सुरों से सजा कोई साज़,
संगेमरमर सी है काया जिसकी
है बेपनाह खूबसूरती से सजा ताज,
तस्वीर है किसी कलाकर की
या कल्पना का कोई ख्वाब,
आँखें हैं गहरी झील सी
या ठहरे हुए जज़्बात,
ज़ुल्फ़ों में सजे हैं सितारे हज़ार
या जादू चला है हुस्न का बेशुमार
अंजानी सी है वो
या कविता जैसा खूबसूरत एहसास कोई अपना.
-गौरव

Hindi Love Shayari Poetry on Eyes-निगाहों की गलतियाँ


model-1525629_960_720 (2)

निगाहों की गलतियाँ
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
क्यों दिखाती हैं ख्वाब,
क्यों दिलाती हैं एहसास जब
पूरे ना हो पायें वो ख्वाब,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
एक पल मैं देखता हूँ
कोई मुस्कुरा दे तो दीवानी हो जाती हैं,
छोटी छोटी बातों पे खुशियों का
परवाना हो जाती हैं,
बिछा देती हैं खुद को किसी के प्यार में,
सब लुटा देती हैं,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
कभी सोचती हैं हो गया प्यार हमको,
कभी किसी की रुसवाई में रो देती हैं,
मिलता नहीं जिसे वो चाहे तो
कुछ और देखना नहीं चाहती हैं,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
हर बात का खुद से मतलब निकाल लेती हैं,
बिन जाने किसी और की हो जाती हैं,
घंटो तक इंतज़ार करती हैं
किसी के आने का पलकों को बिछा के,
जब नहीं आता है वो तब मान नहीं पाती हैं
और आस उसके आने की लगाती हैं,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं,
मैं पूछता हूँ
क्यों देखती हो ख्वाब किसी के,
क्यों चाहती हो बेपनाह किसी को,
वो मेरी बात पे
थोड़ा सा मुस्कुरा देती हैं,
बस कुछ कह नहीं पाता उनको
क्योंकि मेरी निगाहें भी ये गलती
बार बार किया करती हैं,
सब गलतियाँ निगाहों की हैं.
-गौरव

Nigahon Ki Galtiyan
Sab galtiyan nigahon ki hain,
kyon dikhati hain khwab,
kyon dilati hain ehsas jab
pure na ho payein wo khwab,
sab galtiyan nigahon ki hain,
ek pal main dekhta hoon
koi muskurake to deewani ho jati hain,
choti choti baton pe khushiyon ka
parwana ho jati hain,
bicha deti hain khud ko kisi ke pyar mein,
sab luta deti hain,
sab galtiyan nigahon ki hain,
kabhi sochti hain ho gaya pyar humko,
kabhi kisi ki ruswai mein ro deti hain,
milta nahin jise wo chahe to
kuch aur dekhna nahin chahti hain,
sab galtiyan nigahon ki hain,
har bat ka khud se matlab nikal leti hain,
bin jane kisi aur ki ho jati hain,
ghanto tak intazar karti hain
kisi ke aane ka palkon ko bicha ke,
jab nahin aata hai wo tab maan nahin pati hain
aur aas uske aane ki lagati hain,
sab galtiyan nigahon ki hain,
main puchta hoon
kyon dekhti ho khwab kisi ke,
kyon chahati ho bepanah kisi ko,
wo meri bat pe
thoda sa muskura deti hain,
bas kuch kah nahi pata unko
kyonki meri nigahein bhi ye
galti bar bar kiya karti hain,
sab galtiyan nigahon ki hain.
-Gaurav

Hindi Sad Miss You Love Poem Shayari For Him and Her-चाहत


heart-2448640_960_720

अपनी ही चाहत को हम अपना ना बना पाये

उनके खयालो की दुनिया में हम शामिल ना हो पाये

सिर्फ उनकी खोखली यादों में हमने ना जाने कितने दिये जलाये

फिर भी अफसोस अपनी मुहब्बत की दास्तान अपनो को सुना ना पाये

अब ना कोई उल्लास है ना कोई उमंग

सिर्फ और सिर्फ है तो अधूरी दास्तान के साथ जीने की एक जंग

लोग कहते हैं वो समझ नहीं सकते हमें

समझना उनकी फितरत में शामिल नहीं

छोड़ो समझने की बात

कभी समय मिले तो समझ के देखना की

जब दिल टूटता है तो आवाज़ नहीं आती

सिर्फ निकालते हैं आंख से आंसू

सारी दुनिया बहती हुई नज़र आती

और दुनिया के साथ तुम भी

रोकने की कोशिश करते

तुम्हें मगर रोक ना पाते

क्योंकि हम कभी खुद को

तुम्हारे ख्वाबों में ना पाते

बस ऐसे ही चलती है ज़िंदगी

बस ऐसे ही कट ता है जिंदगी का सफर

निकलती है दिल से आवाज़ “तुम ही थे,तुम ही हो, तुम ही रहोगे”

ना सही प्यार बनकर मगर एक कसक बनकर ज़रूर

अब चलते हैं दोस्त

चलना पड़ेगा ये खुदा ने कहा है

तुम भी चलोगे हम भी चलेंगे हमेशा अलग अलग

यही तो है आज का तजुर्बा और इस जिंदगी का रुत्बा

-प्रतिभा सिंग

Chahat
Apni hi chahat ko ham apna na bana paye
Unke khayalo ki duniya mein ham shamil na ho paye

Sirf unki khokhli yadon mein hamne na jane kitne diye jalaye
Fir bhi afsos apni muhabbat ki dastan apno ko suna na paye

Ab na koi ullas hai na koi umang
Sirf aur sirf hai to adhuri dastan ke sath jeene ki ek jung

Log kahte hain wo samajh nahi sakte hamein
Samajhna unki fitrat mein shamil nahin
Chodo samajhne ki bat
kabhi samay mile to samajh ke dekhna ki
Jab dil toot ta hai to awaz nahin aati

Sirf nikalte hain aankh se aansu
Sari duniya bahti huyi nazar aati
Aur duniya ke sath tum bhi
rokne ki koshish karte
tumhein magar rok na pate
Kyonki ham kabhi khud ko
tumhare khwabon mein na pate

Bas aise hi chalti hai zindagi
bas aise hi kat ta hai jindgi ka safar
Nikalti hai dil se awaz “Tum hi the,tum hi ho,tum hi rahoge”
Na sahi pyar bankar magar ek kasak bankar zaroor

ab chalte hain dost
chalna padega ye khudai ne kaha hai
tum bhi chaloge ham bhi chalenge hamesha alag alag
yahi to hai aaj ka tajurba aur is jindagi ka rutba

-Pratibha Singh