Hindi Love Poetry, Love Shayari-मेरा क्या कसूर


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मेरा क्या कसूर
निगाहें तेरी कातिलाना हैं
इस में मेरा क्या कसूर?
खूबसूरत तू बेपनाह है
दीवाना मैं हो रहा हूँ
इस में मेरा क्या कसूर?
देखती हो जिस अदा से मुझको
प्यार तुमसे करने लगा हूँ
अपनी निगाहों को तुझे देखने से रोक ना पाऊँ
इस में मेरा क्या कसूर?
दिल कहता है कहीं और चल
पर कदम तेरी ओर खुद ही बढ़ जायें अगर
इस में मेरा क्या कसूर?
ख्वाब भी परेशन हैं
नींद भी हैरान है
मेरे सपनों में अब रोज़ रोज़ अगर तुम आओ
इस में मेरा क्या कसूर?
जब भी लिखता हूँ कविता कोई
अपने आप दिल की कहानी लिख जाती है ये मेरी कलम
इतना याद अगर तुम आओ
इस में मेरा क्या कसूर,
सहमे सहमे लबों से बोलना
शुरू कर दिया है तुमसे
पर ये ज़ुबान सिर्फ प्यार के ढाई अक्षर
अगर तुमसे कहना चाहे
इस में मेरा क्या कसूर?
-गौरव
Mera Kya Kasoor
Nigahein teri katilana hain
Is mein mera kya kasoor,
Khubsurat tu bepanah hai
Deewana main ho raha hoon
Is mein mera kya kasoor,
Dekhti ho jis ada se mujhko
Pyar tumse karne laga hoon
Apni nigahon ko tujhe dekhne se rok na paaoon
Is mein mera kya kasoor,
Dil kahta hai kahin aur chal
Par kadam teri ore khud hi badh jayein agar
Is mein mera kya kasoor,
Khwab bhi pareshan hain
Neend bhi hairan hai
Mere sapnon mein ap roz roz agar tum aao
Is mein mera kya kasoor,
Jab bhi likhta hoon kavita koi
Apne ap dil ki kahani likh jati hai ye meri kalam
Itna yaad agar tum aao
Is mein mera kya kasoor,
Sahme sahme labon se bolna
Shuru kr dia hai tumse
Par ye zuban sirf pyar ke dhai akshar
Agar tumse kahna chahe
Is mein mera kya kasoor.
-Gaurav

Hindi Philosophical Love Poem Shayari-पहचान


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वक़्त ये धार बनके बह जायेगा,
राइट की तरह ये पल भी फिसल जायेगा,
जीटा रहा है खुद के लिये,
कब अपने आप को जान पायेगा,
मंज़िल नहीं है तेरी ये दुनिया की झूठी चमक,
तेरी तो राह है मन की थोड़ी सी शांती,
कब ये मान पायेगा,
भीड़ में तू खो गया है,
खुद से बेगाना हो गया है,
देख अपने मन की गहराइयों में झांक के
खुद से बेगाना तू हो ग्या है,
अब ना सुध रहती है तन मन की,
बस दुनिया की आंधी में बह गया है,
खुद को तू जान ले थोड़ा सा पहचान ले,
मंज़िल तेरी बनेगी रोते हुए किसी चहरे की मुस्कान,
बन के फैलायेगा तू खुशियों की मुस्कान,
वही बनेगी तेरी अपनी पहचान|
-गौरव
Pehchan
Waqt ye dhar banke bah jayega,
Rait ki tarah ye pal bhi fisal jayega,
Jeeta raha hai khud ke liye,
Kab apne ap ko jaan payega,
Manzil nahin hai teri ye dunia ki jhooti chamak,
Teri to raah hai man ki thodi si shanti,
Kab ye maan payega,
Bheed mein tu kho gaya hai,
Khud se begana ho gaya hai,
Dekh apne man ki gahraiyon mein jhank ke
Khud se begana tu ho gya hai,
Ab na sudh rehti hai tan man ki,
Bas duniya ki aandhi mein bah gaya hai,
Khud ko tu jaan le thoda sa pehchan le,
Manzil teri banegi rote hue kisi chehre ki muskan,
Ban ke failayega tu khushiyon ki muskan,
Wahi banegi teri apni pehchan.
-Gaurav

Missing You Hindi Love Shayari Poetry-कहाँ चले गये तुम


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कहाँ चले गये तुम
छोटी सी बात को दिल पे लगा के कहाँ चले गये तुम,
कुछ तो कहा होता हमसे बिना कुछ कहे कहाँ चले गये तुम,
लड़ते थे झगड़ते थे पर प्यार तो था,
ना मौका दिया हमको कोई,
ऐसे तन्हा छोड़ के हुंको कहाँ चले गये तुम,
रूठने के मनाने के जो मौसम आते थे पल पल,
उन प्यार भरे मौसमों को छोड़ के कहाँ चले गये तुम,
क्या गुनाह किया क्या खता हुई,
इतना तो कहा होता,
यूं तनहाइयों में कैद हमको कर कहाँ चले गये तुम,
पास आ जाओ, बिन तुम्हारे अश्‍क़ बहते हैं हर पल हमारे,
छोड़ हज़ारों गम के आंसू पलकों में हमारी,
यूँ बिन कुछ कहे कहाँ चले गये तुम|
-गौरव
Kahan Chale Gaye Tum
Choti si bat ko dil pe laga ke kahan chale gaye tum,
Kuch to kaha hota humse bin kuch kahe kahan chale gaye tum,
Ladte the jhagadte the par pyar to tha,
na mauka diya humko koi,
aise tanha chod ke humko kahan chale gaye tum,
Roothne ke manane ke jo mausam aate the pal pal,
un pyar bhare mausamon ko chod ke kahan chale gaye tum,
Kya gunah kiya kya khata hui,
itna to kaha hota,
yun tanhaiyon mein kaid humko kar kahan chale gaye tum,
Paas aa jao, bin tumhare ashq bahte hain har pal hamare,
chod hazaron gam ke aansu palkon mein hamari,
yoon bin kuch kahe kahan chale gaye tum.
-Gaurav

Hindi Love Shayari Poetry-सिर्फ तुझको चाहा है


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सिर्फ तुझको चाहा है
मेरी खामोशियां मेरी सदायें बन जायें,
मेरी निगाहें हर पल ये एहसास दिलायें,
कि मैं तुझको कितना चाहता हूँ,
मेरी धड़कन मेरे दिल की रवानी बन जाये,
मेरी पलकें हर पल तुझको ये झुक के बतायें
कि मैं तुझको कितना चाहता हूँ,
मेरे शब्दों की पंक्तियाँ मेरी कहानी बन जाये,
मेरी हर ग़ज़ल तुझको ये गाके बताये
कि मैं तुझको कितना चाहता हूँ,
मेरी ज़िंदगी मेरी जान की इबादत बन जाये,
मेरी जान तो तू ही है मेरी जान
ये तुझको कोई हर पल,पल पल बताये
कि मैं तुझको कितना चाहता हूँ|
-गौरव
Sirf Tujhko Chaha Hai
Meri khamoshiyan meri sadayein ban jayein,
Meri nigahein har pal ye ehsaas dilayein,
Ki main tujhko kitna chahta hoon,
Meri dhadkan mere dil ki rawani ban jaye,
Meri palkein har pal tujhko ye jhuk ke batayein
Ki main tujhko kitna chahta hoon,
Mere shabdon ki panktiyan meri kahani ban jaye,
Meri har gazal tujhko ye gake bataye
Ki main tujhko kitna chahta hoon,
Meri zindagi meri jaan ki ibadat ban jaye,
Meri jaan to tu hi hai meri jaan
Ye tujhko koi har pal,pal pal bataye
Ki main tujhko kitna chahta hoon.
-ByGaurav
English Translation:
I have loved only you
My silence may turn into my boring company
My eyes may always make you feel
that how much I love you,
May my heartbeat turn the fastest in my heart,
May my eyelids always bend and tell you
that how much I love you
May the sentences of my words turn into my story
May my every ghazal (composition) always sing and tell you
that how much I love you
May my life become ibadat (penance) of my jaan (beloved)
You are my jaan (life) Oh my beloved
May someone please tell you this with every passing moment
that how much I love you.
-By Gaurav

Intimate Hindi Love Poem for Her-दिल में बसा लिया


LOV
दिल में बसा लिया
ख्वाबों के बादल से तुझको चुराके लाऊँगा,
करके प्यार का इज़हार तुझको दिल में बसाऊंगा,
महकेगी हर फ़िज़ा हर कली तेरे आने की आहट से,
दिल की बगिया में कुछ फूल तेरी खुशियों के मैं भी खिलाऊँगा,
जैसे ही पहुंचा मैं तेरे पास तेरी पायल को मस्ती छा गयी,
छम छम सी करने लगी कहने लगी दिल में बहार आ गयी,
तेरी आँखों का काजल भी शैतानी करने लगा
कहने लगा तू भी मुझसे प्यार है करने लगी,
उठा के तुझको गोद में बाहों का हार पहन लिया,
देखने लगी ये कलियाँ,ये फिज़ायें,तेरी पायल
सबको हया सी शर्म आ गयी,
होने लगी उस पल हमारी सिर्फ आँखों आँखों में बातें
राज़ ये गहरा जताने लगी,
उसके बिन कहे ही
उसके प्यार का एहसास दिलाने लगी,
रहा ना उस एक पल प्यार पे काबू
सीने से उसको लगा लिया,
लेके बाँहों के आगोश में उसको छुपा लिया,
किसी की नज़र का एहसास भी ना छू पाये
तुझको मेरी नज़रों के सिवाय,
ये सोच के तुझको हमेशा के लिये
दिल में बसा लिया
-गौरव

 

Hindi Love Fight Poem for Lover-क्यों रूठा है मेरा प्यार


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रूठे हो क्यों तुम मुझसे
पूछूं मैं क्या तुमसे?
मेरी आँखों के खयाल तुम हो
मेरी सांसों की पहचान हो
मेरे चहरे की मुस्कुराहट तुम हो,
मेरे जीने की वजह तुम हो,
मेरी पलकों पे बसा हुआ ख्वाब तुम हो,
मेरी हर धड़कन में तुम हो,
जब मेरे ख्वाब तेरे थे,
जब प्यार इतना करते थे,
जब दूर इतना रहते थे,
जब मिल के बिछड़े ही थे,
जब इतना प्यार करते ही थे ,
इज़हार से क्यों डरते थे,
आज फिर मैं पूछती हूँ तुमसे,
रूठे हो क्यों तुम मुझसे..
-कविता परमार

Kyon rutha hai mera pyar

ruthe ho kyon tum mujhse
puchun main kya tumse?
meri aankhon ke khayal tum ho
meri saanson ki pehchan tum ho
mere chahre ki muskurahat tum ho,
mere jeene ki wajah tum ho,
meri palkon pe basa hua khwab tum ho,
meri har dhadkan mein tum ho,

jab mere khwab tere the,
jab pyar itna karte the,
jab dur itna rahte the,
jab mil ke bichadte hi the,
jab itna pyar karte hi the ,
izhar se kyon darte the,
aaj phir main puchti hoon tumse,
ruthe ho kyon tum mujse..
-Kavitha Parmar

Hindi Love Poem on God-राहत के कुछ पल 


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राहत के कुछ पल 
मैं तेरे चरणों में पाता हूँ
आके तेरे द्वार पे
सारे गम भूल जाता हूँ
रहती ना कोई ख्वाहिश मेरी
ना मन में कोई इच्छा
आंसू की बस बहती धारा
निर्मल है ये मन मेरा
शब्दों का ना कोई जाल है
ना बोली की पहचान
बिन कहे मेरे मन को जाना
ऐसा है मेरा भगवान
करुणा पल पल गहरी होती
मन में कोई दुविधा ना रहती
उसने पथ दिखाया है
पथ पे पल पल बढ़ता जाता
हर जगह बस प्रभु को पाता
दीनबंधु वो करुणा निधन हैं
राहत के कुछ पल
मैं तेरे चरणों में पाता हूँ
आके तेरे द्वार पे प्रभु
मैं खुद को पा जाता हूँ
-गौरव
English Translation:
Few Moments of Relief
I get when I am near your feet
After coming at your doorstep
I forget all my miseries
None of my desires remain
Neither any aspirations in my heart/mind
Only a line of tears flows
My mind is so pure
There is no web of words
There is no identification of language
Without saying anything you interpreted my heart/mind
So is my Lord
Kindness deepens with each passing moment
No difficulty remains in the heart/mind
He has shown the path
I progress each moment on the path
I find Lord everywhere
He is well-wisher and friend of the poor and needy, He is full of kindness
Few Moments of Relief
I get when I am near your feet
After coming at your doorstep
I meet myself
-By Gaurav