Hindi Love Poem on College Love


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तेरी यादों में लिखे कुछ खत मुझसे बात किया करते हैं,
याद करता हूँ हमारी मुलाकात को तो एहसास प्यार का दिया करते हैं,
कहते हैं उन पलों की कहानी जब तेरी यादों में घंटो इंतज़ार किया करते थे..
लिखते थे खत हज़ारों इंतज़ार ए मुहब्बत में पर तुमको ना दिया करते थे ,
और धीरे धीरे वो वक़्त की धारा भी बह गयी,,
तुमसे विदाई का पल भी आ गया,
नाम थी हमारी पलकें जुदाई के बादल भी छा गये,
बस सोचते रहे की कुछ पलों में तुम नज़रों से दूर हो जाओगे,
फिर दिल की धड़कन को अचानक क्या हो गया,
कुछ पल थम सी गयी हमारी सांस भी
जब उन्होने दिल पे हाथ रख दिया,
इज़हार जो मुहब्बत का हम ना कर पाये
तीन सालों में वो प्यार का इज़हार उन्होने कर दिया,
बस देखते रहे उनको हम फिर गले से उनको लगा लिया,
करते हैं बेपनाह प्यार हम भी उन्हें, उनको ये जता दिया,
फिर वो मुस्कुराये एक पल
प्यार के वो खत हम से उन्होने मांग लिये,
हम भी कुछ पल रह गये स्तब्ध,
और वो ये कहके गले हम से लग गये,
कि आप के लिखे खतों की खुश्बू हमको पहले साल ही छू गयी,
बस करते रहे इसलिये इंतज़ार की इज़हार ए मोहबत आप कर दोगे,
पर दिल ने कहा अब ना सह पायेगा ये दूरी तुमसे,
ये दिल की आवाज़ सुनके प्यार का पहला इज़हार हम ही आपसे कर गये.
-गौरव

Hindi Love Poem For Her-एक रात


 

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मैं तेरे चहरे को पढ़ना चाहता हूँ किताब की तरह
तेरे साथ बीते हुए हर लम्हे को पिरोना चाहता हूँ ख्वाब की तरह
मैं जानता हूँ नहीं मिल सकता हूँ तुमको हर रोज़..
इसलिये ख्वाबों में आके गले लगाना चाहता हूँ  मीठे एहसास की तरह.
गले मिलता हूँ जब मैं तो आँखें मेरी नॅम हो जाती हैं
भीगी हुई पलकों से लिपट के रोना चाहता हूँ तेरी याद की तरह..
चंद पल जब रह जाते हैं सवेरा होने में..जी भर के रोना चाहता हूँ
एक बार गले लगा लेना चाहता हूँ इस रात के खूबसूरत एहसास की तरह 

गौरव

Hindi Love Poem For Her-मेरा यार


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उनकी आँखों में सजे काजल के दीवाने हो गये
उनकी प्यार भरी मुस्कुराहट के घायल हो गये
बन के जो मिले थे अजनबी उनकी अदा के दीवाने हो गये
नींद चुरा ली आँखों की,ख्वाबों में शामिल हो गये
जो थे बेगाने किसी पल आज वो दिल से अपने हो गये
करने लगे बातें तन्हाई में,दीवाने से हो गये
रखा जब उन्होने हाथ हमारे दिल पे धड़कन को भी चुरा ले गये
कुछ ग़ज़लें लिखने लगे,कुछ कवितायें भी बन गयी
देख के उनकी खूबसूरती प्यार भरी नज़्में भी कुछ बन गयी
वो मुस्कुराये इस कदर की ये फिज़ायें भी उनसे जल गयी
मेरा यार मेरा प्यार है खूबसूरत बेपनाह इतना
कि मेरी नज़रें भी उनकी खूबसूरती पे थम गयी
-गौरव

Hindi Love Poem-मुस्कुराने की वजह


मुस्कुराने की वजह तेरी आँखों में तलाश करते हैं
ए अजनबी हम तुम्हें कितना प्यार करते हैं
देखा नहीं तुझे कभी पर खाबों के रंगों से तेरी तस्वीर बनाया करते हैं,
तेरी प्यार भरी खूबसूरत तस्वीर को खाबों में ही सही हकीकत बनाया करते हैं,
मुस्कुराने की वजह तेरी आँखों में तलाश करते हैं,
ए अजनबी जब भी चलें कभी ज़िंदगी की हर राह पे तेरा इंतज़ार करते हैं
देखी कभी ना कोई राह, ना कभी चले प्यार की राहों पे तेरे बिना,
जो प्यार से थाम ले मेरा हाथ किसी राह पे उस अजनबी के आने का इंतज़ार करते हैं,
मुस्कुराने की वजह तेरी आँखों में तलाश करते हैं,
ए अजनबी जब थामता है तू मेरा हाथ धड़कन को थामा करता है
लगता है प्यार से मेरे गले रूह तक उतर जाया करता है
भूल जाता हूँ खुद को, तेरे प्यार में खो जाता हूँ
देखता रहता हूँ बस तेरी आँखों में
मुस्कुराने की वजह तेरी आँखों में तलाश करता हूँ
-गौरव

Sad Hindi Love Poem on Pain-मेरा गम


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गम में जीने को कहता है ये दिल,
हमेशा तुझे महसूस करता है ये दिल,
तेरी याद में रुलाता है ये गम,
तेरी खुशी में हँसाता  है ये गम,
नासमझ बना देता है मुझे ये गम,
समझती है सिर्फ तू मुझे is गम में,
जिस दिन मैने तुझे दिया ये गम,
उस रात आँखें हुई मेरी नॅम,
कभी रोया,कभी हंसा, कभी सहमा इस गम में,
कभी संभाला,कभी सहलाया मुझे इस गम ने,
लड़ने की हिम्मत दी मुझे इस गम ने,
मुझको ज़िंदगी का आईना दिखाया इस गम ने ,
एक अटूट सा रिश्ता है जिससे,
सदा रहना है साथ जिसके,
वादा है रहेगा ये गम
जब तक है सांसों में दम ..
-कविता परमार

Hindi Love Poem on Pain-क्यों?


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क्यों इतना दर्द सहना पड़ता है?
क्यों रास्ते पर चलो तो कोई छेड़ देता है?
घर पर बैठो तो पति हाथ मरोड़ देता है,
किस से बताऊँ मैं अपना दर्द,
अपने तो सपने से लगते है,
कभी हाथ उठाते है,
कभी शब्दों से ही मार देते है,
क्यों इतना दर्द सहना पड़ता है?
देखा था मैने भी एक सपना,
बसा बसाया घर था मेरा अपना,
प्यार के अलावा और कुछ ना था,
ना दुख ना दर्द और ना ही आंसू थे,
खुशियों से भरा मेरा संसार क्यों बिखेर दिया उन ज़ालिमों ने?
क्यों झूठे वादे किये तूने?
क्यों झूठे सपने दिखाये तूने?
क्यों झूठी कसमे खाई तूने?
जब छोड़ के ही जाना था मुझे
तो अपना बनाया ही क्यों तूने?
कोई आए और ले जाये मुझे,
खुल के जीना चाहती हूँ मैं,
आसमान में उड़ना चाहती हूँ मैं,
लहरों में तैरना चाहती हूँ मैं,
सपनों को उड़ान देना चाहती हूँ मैं,
इंसान हूँ, इंसान की ज़िंदगी जीना चाहती हूँ मैं
क्यों इतना दर्द सहना पड़ता है?
क्यों अपनी इच्छाओं को मारना पड़ता है?
क्यों कोई मेरी परवाह नहीं करता है?
हर कोई अपनी बात मनवाता है,
मेरी बात कोई क्यों नहीं सुनता है?
क्यों इतना दर्द सहना पड़ता है?
-कविता परमार

Miss my love Hindi poem-बस और नहीं


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लौटा दे मुझे वो बीता कल,
लौटा दे मुझे वो खोया पल
लौटा दे मुझे मेरी मुस्कुराहट,
लौटा दे मुझे मेरी किस्मत
अंधेरे के साये में क्यों जीना,
लौटा दे मुझे एक उम्मीद की किरण
अखियों के वो मोती,
लौटा दे मुझे वो नमकीन मोती
लौटा दे मुझे वो चूडियों की खनक,
लौटा दे मुझे वो आँखों की चमक
लौटा दे मुझे मेरा बचपन,
लौटा दे मेरी बिछड़ी धड़कन
हे कुदरत तुझसे पूछ रहा एक बंदा
लौटा दे उसकी ज़िंदगी का फंडा…….
-कविता परमार
English Translation:
Enough, not more anymore
Give me back the lost yesterday
Give me back that lost moment
Give me back my lost smile
Give me back my destiny
Why live in the shadow of darkness?
Give me back a ray of hope
Pearls of eyes
Return those salty pearls to me
Give me back the noise of the bangles
Give me back the shine in the eyes
Give me back my lost childhood
Give me back my lost heartbeat
Oh nature, a human is asking you
to return the force in his life..
-By Kavitha Parmar