Hindi love poem -प्यार दो

वक़्त की लहरों पे कुछ नगमें सजाता हूँ..
यादों के झरोखे से तुझको चुराता हूँ..
पल पल देखता हूँ तेरे ख्वाब ..
ख्वाबों को तेरी नज़रों में छुपाता हूँ..
आज की रात आके सिमट जाओ..
मेरे ख्वाबों से ख्वाबों को दिल की हकीकत बना दो..
रूह तक छू लो मेरी प्यास प्यार की दिल मैं बसा दो..
अगर दूर रहोगे दिल से तो मैं बिखर जाऊँगा..
बिखरने ना देना मुझको आके थाम लो
दिल मैं बसाके रूह तक प्यार दो..
रूह तक प्यार दो..

-गौरव

2 thoughts on “Hindi love poem -प्यार दो

  1. तुम्हारी सूरत मेरे दिल
    की तस्वीर बन गई
    तुम्हारी हर याद
    मेरी जिन्दगी की जागीर बन
    गई
    तुम्हारी बाते सुन में
    कन्हा की मीर बन गई
    तुम्हारे खयलों में डूब में सरिता से
    झील बन गई
    तेरे प्रेम का हुआ ऐसा असर मुझ पर
    कि तुझ संग प्रीत
    निभानी मेरी तक्दीर बन गई

  2. तुम्हारी सूरत मेरे दिल की तस्वीर बन गई
    तुम्हारी हर याद मेरी जिन्दगी की जागीर बन गई
    तुम्हारी बाते सुन में कन्हा की मीर बन गई
    तुम्हारे खयलों में डूब में सरिता से झील बन गई
    तेरे प्रेम का हुआ ऐसा असर मुझ पर
    कि तुझ संग प्रीत निभानी मेरी तक्दीर बन गई

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