Romantic Hindi Poetry- इंतज़ार

जाने कितने दिन महीने साल गुज़रे तेरे इंतज़ार में
हाय हम तो पागल दीवाने हो गये तेरे प्यार में
रातों को नींद आती नहीं
दिन को भी नहीं है चैना
बस तेरे ही आने की उम्मीद में
राह तकते मेरे नैना
उफ ये कैसा दीवानापन है
लोग कहते हैं ये पागलपन है
पर दिल ये मेरा मानता नहीं
तुझे चाहने के सिवा ये कुछ और जानता नहीं

– अनुष्का सूरी

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