Ankhein ban jayein jab dil ki zuban – Hindi Love Poem


आँखें बन जायें जब दिल की ज़ुबा

तो कैसे करें दिल की हालत बयान

वो ठंडी रातें वो भीगी बरसातें

वो प्यार में डूबी उसकी भोली बातें

वो उसका रुक रुक कर धीरे धीरे चलना

और उसको आता हुआ देख इस दिल का मचलना

काश कुछ बदल जाये अपनी भी ये तकदीर

बनूं मैं उसका रांझा और वो मेरी हीर

About anushkasuri

Sweet and caring :)
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5 Responses to Ankhein ban jayein jab dil ki zuban – Hindi Love Poem

  1. Asharaf says:

    Thank you!!!!!

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  2. pratibha tripathi says:

    ऐ दिल ! तू फिर
    मुस्कुराया है ……………..
    है कुछ अपनी बात, या फिर
    उनकी बात कहने आया है
    बता दिल तू फिर
    क्यों मुस्कुराया है ?
    सियासी दौर मैं अब तो कुछ नजरों ने
    भी डराया है
    है कोई प्रेम आमंत्रण या फिर
    किसी ने प्रेम जाल बिछाया है
    बता मेरे दिल! तू
    क्यों मुस्कुराया है …………….?
    आज फिर महफ़िल में लोगो ने
    चर्चा बनाया है
    शायद किसी बेवफा ने उन्हें खूब
    हंसाया है
    पर तुझे क्या मिला दिल जो तू
    इतना मुस्कुराया है
    सच बता मेरे दिल! तू
    क्यों मुस्कुराया है …………….?
    ये किसी के आने कि आहट
    है ,या किसी को पाने कि चाहत है
    सवाल सैकड़ों हैं जिंदगी के जिसने तुझे
    इतना सताया है
    बता मेरे दिल फिर भी तू क्यूँ
    मुस्कुराया है …….?
    तू है ही जिद्दी ,जिसने तुझे
    इतना रुलाया है फिर भी तू उसी से
    मिलने आया है
    तुझे देखकर तो शहर भी हैरान है,शायद
    किसी ने ये सवाल उठाया है ……..
    जिस शख्स ने इतना जख्म दिया ,तू
    फिर क्यों उसी के जख्मों को धोने
    आया है,
    वाह मेरे दिल ! ,अब मालूम है मुझे तू
    क्यों मुस्कुराया है
    शायद फिर से तुझे कोई अपना बनाने
    आया है
    संभल जा मेरे दिल !शायद तू अंतिम
    बार मुस्कुराया ह

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