Hindi Prem Kavita-रेशम की डोरी


रेशम की डोरी से हैं तेरे बाल गोरी
हिरणी जैसे तेरे नैन कर लेते हैं दिल चोरी
मिश्री से मीठी लगती हैं तेरी बातें
हसीं होती हैं अपनी मुलाकातें
अब रहना तुझ बिन है बड़ा मुश्किल
अब जल्दी से आकार तू मुझे मिल

resham ki dori se hain tere baal gori
hirni jaise tere nain kar lete hain dil chori
mishri se meethi lagti hai teri batein
haseen hoti hai badi apni mulakatein
ab rehna tujh bin hai mera mushkil
ab aldi se akar tu mujhse mil

Hindi Prem Kavita-कोयल सी मीठी है तेरी बोली


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कोयल सी मीठी है तेरी बोली
किधर चली तू खेल कर होली
झील से गहरे ये तेरे नैना
लुट लेते हैं मेरा ये चैना
जंगल से गहरे ये तेरे बाल
तू क्या जाने मेरे दिल का हाल
ये तेरे गुलाब से गुलाबी गाल
कर देते हैं मुझको बेहाल
हिरणी जैसी तेरी ये मतवारी चाल
कब तक रखें हम दिल को संभाल
उफ़ ये तेरी कातिल अदाएं
हाय मेरे दिल को कुछ यूँ तडपाए
जब भी तू सामने मेरे आये
दिल ये मेरा मेरी बनजा चिल्लाये

Hindi Prem Kavita-कितने दिनों से सोचता हूँ


ढलती

कितने दिनों से सोचता हूँ की कह दूँ तुमसे
हाँ सोचता हूँ बता दूँ कितना प्यार है तुमसे
सुबह की पहली किरण से ले कर देर शाम
तुम्हारी यादों में है बस ये दिल गुमनाम
चाहे हो तपती दोपहरी या हो ठंडी रातें
मुझे बस याद आती हैं तुम्हारी ही बातें
तुम्हारा वो रुक रुक कर धीरे धीरे चलना
अपनी तारीफ सुनते हुए वो तुम्हारा बात बदलना
वो तेज़ हवा के झोंके से उड़ता हवा में तुम्हारा आँचल
क्या कहूं तुमसे बस करता कैसे मेरे दिल को घायल
रोज़ मिला करो मुझसे करूँगा मैं इंतजार
अब तुम्हारे बिना है मेरा जीना मरना दुशवार

Hindi Love Poem on Holi – होली आई है


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होली फिर से आई है
मस्ती हर दिल पर छाई है
चारों तरफ है रंग ही रंग
उठ रही हैं दिल में तरंग
थोडा सा छेड़ेंगे उनको
थोडा सा रंगों में डुबो देंगे
थोडा सा खाना पीना होगा
थोडा नाचेंगे थोडा नचा देंगे
कुछ दिल की बातें होंगी
रंगों भरी बरसातें होंगी
खेलेंगे होली हम भी खूब
संग अपने होगा अपना महबूब

Hindi Prem Kavita-कुछ ख़ास


कुछ ख़ास है कुछ ख़ास है ..
तेरे पास होने का जो एहसास है ..
हाँ कुछ खास है ..
तू पास है मेरे आस पास है ..
कुछ ख़ास है
एहसास है
तेरे मेरे बीच में जो होती बतियाँ
याद करू तुझको तू जगाये रतियाँ
आजा पास अब तू ओ मेरी तू प्रिया
तुझसे मिलने को तरसे ये जिया
कुछ खास है ..
एहसास है .

Hindi Love Kavita-जब से तुम मिले हो


जब से तुम मिले हो
फूल खिलखिलाते हैं
तुम्हारा ही नाम लेकर
हम गुनगुनाते हैं
कितने प्यारे हो तुम
ये जान कर हम इतराते हैं
आज बता दें तुमको
कितना प्यार है तुमसे

Hindi Prem Kavita-इतनी सुन्दर हो तुम


इतनी सुन्दर हो तुम जैसे हो कोई खिला गुलाब
इतनी नाज़ुक कि हो कोई  रुई की किताब
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प्यारी प्यारी है तुम्हारी मीठी बातें
तुम्हारे साथ बीतें अब मेरे दिन और रातें
तुमसे मिलकर पता कुछ यूँ चला
जैसे कोई प्यासे को पानी हो मिला
तुम्हारी हंसी है खिलते हुए फूल
माफ़ करना हमें जो हो जाये कुछ भूल
जितना भी कहा जाये तुम्हारी तारीफ में है कम
यु ही रोशन रहो तुम दुआ करते हैं हम