Hindi Kavita-रातों की चांदनी

रातों की चांदनी यूं जगमगाती है
तेरी लब पर हंसी जब खिलखिलाती है
चाँद सा रौशन ये जो तेरा चेहरा है
क्या कहें इस दिल पर अब बस तेरा पहरा है
दिल की किताब के हर पन्ने पर तेरा नाम है
ये तेरा आशिक तेरे इश्क में यूँ बदनाम है
तुझसे जुदा होने का आता जब खयाल है
क्या कहें बस सोच के होता ये दिल बेहाल है
तुझसे मिलने की बातें करने की अब मेरी एक चाह है
अब तू मेरे पास ही यु बैठ यही अपने प्यार की राह है

Leave a Reply